नई दिल्ली, इंग्लैंड की महिला रग्बी टीम इस समय अपने सुनहरे दौर से गुजर रही है। टीम ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय महिला रग्बी में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। दमदार रणनीति, फिटनेस और बेहतरीन टीमवर्क के दम पर इंग्लैंड की महिला टीम दुनिया की सबसे सफल रग्बी टीमों में गिनी जा रही है।
यह वही टीम है, जिसने 2022 महिला रग्बी वर्ल्ड कप फाइनल में न्यूजीलैंड से आखिरी मिनटों में हार झेली थी। 31-34 की वह हार आज भी खिलाड़ियों को याद है। लेकिन उसी हार के बाद रेड रोजेज ने खुद को ऐसे बदला कि अब उन्हें रोकना लगभग नामुमकिन लगने लगा है। पिछले सात वर्षों में इंग्लैंड ने सिर्फ एक मैच गंवाया है।
टीम ने हाल के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों और चैंपियनशिप में लगातार जीत दर्ज कर अपने प्रभुत्व को साबित किया है। खिलाड़ियों की आक्रामक शैली, मजबूत डिफेंस और तेज खेल ने विरोधी टीमों के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। यही वजह है कि इंग्लैंड की महिला रग्बी टीम को आधुनिक दौर की सबसे संतुलित और खतरनाक टीमों में माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंग्लैंड में महिला रग्बी को मिले मजबूत ढांचे, प्रोफेशनल ट्रेनिंग और बेहतर लीग सिस्टम ने इस सफलता में बड़ी भूमिका निभाई है। युवा खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से ही उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल रही हैं, जिसका असर राष्ट्रीय टीम के प्रदर्शन में साफ दिखाई देता है।
टीम की कई स्टार खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं और महिला रग्बी को नई लोकप्रियता दिलाने में अहम योगदान दे रही हैं। इंग्लैंड की महिला टीम की सफलता ने दुनिया भर में महिला खेलों के प्रति बढ़ती रुचि को भी मजबूती दी है।
खेल विश्लेषकों का कहना है कि यदि टीम इसी लय में खेलती रही, तो आने वाले वर्षों में वह महिला रग्बी के इतिहास में और बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती है। इंग्लैंड की यह सफलता दुनिया की अन्य महिला टीमों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
















