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नई दिल्ली, चेस की दुनिया के प्रतिष्ठित Candidates Tournament में भारत के युवा ग्रैंडमास्टर R Praggnanandhaa ने चौथे राउंड में मुकाबला ड्रॉ खेला। इस परिणाम के साथ उन्होंने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति को संतुलित बनाए रखा और खिताबी दौड़ में अपनी दावेदारी कायम रखी है।

साइप्रस के पाफोस में चल रहे FIDE कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में भारत के ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने चौथे राउंड में जर्मनी के मथियास ब्लूबाउम के खिलाफ ड्रॉ खेला। चौथे राउंड में दो मुकाबले ड्रॉ रहे और दो के रिजल्ट निकले।

विमेंस में वैशाली रमेशबाबू ने रूस की अलेक्जेंड्रा गोर्याचकिना के खिलाफ ड्रॉ खेला। वहीं, दिव्या देशमुख को चीन की झू जिनेर के खिलाफ हार मिली।

मुकाबला काफी रणनीतिक और संतुलित रहा, जहां दोनों खिलाड़ियों ने आक्रामक चालों के बजाय सावधानी से खेलते हुए जोखिम लेने से परहेज किया। प्रज्ञानानंदा ने मध्य खेल (middlegame) में मजबूत पकड़ बनाई, लेकिन प्रतिद्वंदी की सटीक रक्षा के चलते मैच अंततः ड्रॉ पर समाप्त हुआ।

विशेषज्ञों का मानना है कि कैंडिडेट्स जैसे उच्च स्तर के टूर्नामेंट में हर अंक बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में ड्रॉ भी कई बार हार से बचने और अंक तालिका में बने रहने के लिहाज से अहम साबित होता है। प्रज्ञानानंदा का यह परिणाम उनके धैर्य और परिपक्वता को दर्शाता है।

इस टूर्नामेंट में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं और यहां से विजेता को विश्व शतरंज चैंपियनशिप के लिए चुनौती देने का मौका मिलता है। ऐसे में हर राउंड का प्रदर्शन निर्णायक भूमिका निभाता है।

अब आगे के राउंड्स में प्रज्ञानानंदा की रणनीति और प्रदर्शन पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी। भारतीय फैंस को उम्मीद है कि वह आने वाले मुकाबलों में जीत दर्ज कर खिताब की दौड़ में और मजबूती से आगे बढ़ेंगे।