413 1777606391
413 1777606391

नई दिल्ली, लंबी दूरी की दौड़ में बड़ा बदलाव आने वाला है। हालिया शोध के अनुसार, मैराथन धावक अपनी कुल समय सीमा को करीब 5 मिनट तक कम कर सकते हैं—और इसके पीछे सिर्फ कड़ी मेहनत नहीं, बल्कि वैज्ञानिक रणनीति और तकनीक का भी बड़ा योगदान है।

लंदन की सड़कों पर रविवार को इतिहास बन गया, जब लंदन मैराथन में पहली बार दो धावकों ने 42.195 किलोमीटर की दूरी 2 घंटे से कम समय में पूरी कर दी। यह खेल इतिहास का ऐसा पल था, जिसे कभी असंभव माना जाता था। इन खिलाड़ियों ने न सिर्फ रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि यह भी दिखाया कि इंसानी क्षमता की सीमाएं लगातार आगे बढ़ रही हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, धावकों की रफ्तार बढ़ाने में रनिंग टेक्निक, ऊर्जा प्रबंधन (Energy Efficiency), और उन्नत जूतों (Advanced Footwear Technology) की अहम भूमिका है। आधुनिक रनिंग शूज़, जिनमें कार्बन प्लेट और बेहतर कुशनिंग होती है, धावकों को कम ऊर्जा खर्च में ज्यादा दूरी तय करने में मदद करते हैं।

इसके अलावा, ट्रेनिंग पैटर्न में बदलाव—जैसे इंटरवल ट्रेनिंग, हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट और रिकवरी साइकल—भी प्रदर्शन सुधारने में असरदार साबित हो रहे हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर धावक अपनी बायोमैकेनिक्स (Body Mechanics) और स्ट्राइड को बेहतर करें, तो वे कम थकान के साथ तेज दौड़ सकते हैं।

विश्व स्तर पर Eliud Kipchoge जैसे एथलीट्स पहले ही दिखा चुके हैं कि सीमाओं को तोड़ा जा सकता है। उनके रिकॉर्ड्स और ट्रेनिंग मॉडल अब रिसर्च का आधार बनते जा रहे हैं।

हालांकि, विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि 5 मिनट का सुधार हर धावक के लिए समान रूप से संभव नहीं है। यह उनकी फिटनेस, अनुभव और ट्रेनिंग स्तर पर निर्भर करेगा। लेकिन प्रोफेशनल एथलीट्स के लिए यह अंतर जीत और हार के बीच का फर्क बन सकता है।