नई दिल्ली, कोबे ब्रायंट सिर्फ एक महान खिलाड़ी ही नहीं थे, बल्कि अनुशासन, मेहनत और मानसिक दृढ़ता की मिसाल भी थे। उनकी सफलता का सबसे बड़ा राज था उनकी मशहूर “Mamba Mentality”, जिसने उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बास्केटबॉल खिलाड़ियों में शामिल किया।
भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर खुद के लिए समय नहीं निकाल पाते। ऐसे में दिवंगत बास्केटबॉल खिलाड़ी कोबे ब्रायंट की दिनचर्या की एक आसान आदत हमारे लिए बेहद काम की हो सकती है। अपनी आक्रामक खेल शैली और जीतने की जिद के लिए मशहूर कोबे का अभ्यास सुबह 4 बजे ही शुरू हो जाता था। लेकिन इस कड़े रूटीन के बीच उनका एक खास नियम था, जिसने उन्हें मानसिक रूप से अभेद्य बनाया था।
अमेरिका के कोबे हर सुबह उठने के बाद कम से कम 15 मिनट एक जगह बिल्कुल शांत बैठकर ध्यान लगाते थे। उनके लिए यह मौन शारीरिक कसरत जितना ही महत्वपूर्ण था। कोबे मानते थे कि सुबह की 15 मिनट की यह शांति उनके पूरे दिन की नींव तय करती है। यह उन्हें दिनभर मानसिक रूप से स्थिर रखती। इसके बिना उन्हें लगता था कि वे बस काम और तनाव के पीछे भाग रहे हैं। इस मौन के अभ्यास से वे अपने दिन को खुद नियंत्रित कर पाते थे। रात को बड़े मैचों से पहले भी वे इसी तरह शांत बैठकर चुनौतियों की कल्पना करते और मानसिक रूप से खुद को तैयार करते थे।ड्यूक यूनिवर्सिटी के अध्ययन के अनुसार, दिन में कुछ देर की गहरी शांति दिमाग के ‘हिप्पोकैम्पस’ हिस्से में नई कोशिकाओं को जन्म देने में मदद करती है, जो याददाश्त और सीखने की क्षमता से जुड़ा है। इयरफोन लगाकर टहलने और एक जगह स्थिर बैठकर शांति का अनुभव करने में बड़ा अंतर है। स्थिरता में हमारा दिमाग खुद को रिपेयर करके री-स्टोर मोड में चला जाता है, जबकि चलते या कुछ सुनते समय वह प्रतिक्रियाओं में उलझा रहता है।

















