नई दिल्ली, दुनिया के एथलेटिक्स जगत में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हो गई है, जहां धावक सेबेस्टियन सावे ने मैराथन को 2 घंटे से कम समय में पूरा कर नई मिसाल कायम कर दी। यह उपलब्धि लंबे समय से एथलेटिक्स की दुनिया में एक “असंभव लक्ष्य” मानी जाती रही थी।
इससे पहले रिकॉर्ड केल्विन किपटम के नाम था। उन्होंने 2023 शिकागो मैराथन में 2:00:35 का समय लिया था। सावे ने इसे 65 सेकेंड से सुधारा। उन्होंने एलियुड किपचोगे के 2019 के अनौपचारिक 1:59:40 रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।
दूसरे स्थान पर इथियोपिया के योमिफ केजेलचा रहे, जिन्होंने 1:59:41 का समय लिया। वे भी दो घंटे से कम में दौड़ पूरी करने में सफल रहे। युगांडा के जैकब किप्लिमो ने 2:00:28 के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।
हालांकि, इस उपलब्धि को लेकर विशेषज्ञों के बीच चर्चा भी शुरू हो गई है। कुछ का मानना है कि यह प्रदर्शन विशेष परिस्थितियों—जैसे पेसमेकर, अनुकूल मौसम और नियंत्रित ट्रैक—में हुआ, जिससे इसे आधिकारिक रिकॉर्ड के रूप में मान्यता मिलने पर सवाल उठ सकते हैं।
इससे पहले एलियुड किपचोगे ने भी 2019 में 2 घंटे से कम समय में मैराथन पूरी की थी, लेकिन वह प्रयास आधिकारिक रिकॉर्ड की श्रेणी में नहीं रखा गया था। अब सेबेस्टियन की इस उपलब्धि ने एक बार फिर इस बहस को जीवित कर दिया है कि क्या भविष्य में यह कारनामा आधिकारिक रूप से भी संभव हो पाएगा।
फिलहाल, सेबेस्टियन की इस दौड़ ने यह साबित कर दिया है कि मानव क्षमता की सीमाएं लगातार आगे बढ़ रही हैं और आने वाले समय में एथलेटिक्स में और भी नए कीर्तिमान देखने को मिल सकते हैं।











