नई दिल्ली, भारतीय शतरंज खिलाड़ी R Vaishali ने चेस जगत में शानदार प्रदर्शन करते हुए कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में ड्रॉ के बावजूद शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। यह उपलब्धि न केवल उनके करियर के लिए बड़ी है, बल्कि भारत के लिए भी गर्व का क्षण है।
भारतीय ग्रैंडमास्टर वैशाली रमेशबाबू ने FIDE चेस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के विमेंस कैटेगरी के 10वें राउंड में यूक्रेन की अन्ना मुजिचुक के खिलाफ ड्रॉ खेला। इस ड्रॉ से मिले आधे पॉइंट्स के साथ वैशाली टॉप पर पहुंच गईं। दूसरी ओर, भारतीय ग्रैंडमास्टर दिव्या देशमुख को रूस की अलेक्जेंड्रा गोर्याचकिना के खिलाफ हार झेलनी पड़ी।
ओपन कैटेगरी में भारत के ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा को उज्बेक के जावोखिर सिंदारोव के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। प्रज्ञानानंदा इस हार के बाद 7वें नंबर पर खिसक गए। टूर्नामेंट साइप्रस के पाफोस में खेला जा रहा है।
FIDE Candidates Tournament में वैशाली लगातार स्थिर और रणनीतिक खेल दिखा रही हैं। हालिया मुकाबले में उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ संतुलित खेल खेलते हुए ड्रॉ किया, लेकिन पॉइंट्स टैली के आधार पर वह टॉप पोजिशन पर पहुंच गईं।
वैशाली का यह प्रदर्शन उनकी गहरी तैयारी, मानसिक मजबूती और खेल की समझ को दर्शाता है। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में आक्रामक और रक्षात्मक दोनों तरह की रणनीतियों का बेहतरीन संतुलन दिखाया है, जिससे वह लगातार अंक बटोरने में सफल रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैशाली का यह फॉर्म उन्हें टूर्नामेंट जीतने के मजबूत दावेदारों में शामिल करता है। यदि वह इसी लय को बरकरार रखती हैं, तो आने वाले मुकाबलों में और बड़ी सफलता हासिल कर सकती हैं।
कुल मिलाकर, वैशाली का यह प्रदर्शन भारतीय शतरंज के लिए एक नई ऊंचाई का संकेत है। उनकी सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन सकती है और भारत को विश्व शतरंज में और मजबूत पहचान दिला सकती है।
















