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नई दिल्ली, भारत अब वैश्विक खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है। Olympic Games और Commonwealth Games की मेजबानी की महत्वाकांक्षाओं के बीच अब देश ने Asian Games 2038 की तैयारी पर भी फोकस करना शुरू कर दिया है।

2036 ओलिंपिक की मजबूत दावेदारी और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) की मेजबानी हासिल करने के बाद अब भारत की नजरें 2038 के एशियन गेम्स पर हैं। भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) ने आधिकारिक तौर पर इसके लिए अपनी इच्छा जाहिर की है।

सरकार और खेल प्राधिकरणों के स्तर पर बुनियादी ढांचे के विकास, स्टेडियमों के आधुनिकीकरण और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस दिशा में खेल सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने, स्मार्ट स्पोर्ट्स सिटी विकसित करने और नई तकनीकों को अपनाने की योजना बनाई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत 2038 एशियन गेम्स की मेजबानी करता है, तो इससे न केवल खेल क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यटन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भी बड़ा उछाल आएगा। इसके साथ ही भारत की वैश्विक छवि एक मजबूत खेल राष्ट्र के रूप में और सुदृढ़ होगी।

खेल मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, संभावित मेजबानी के लिए विभिन्न शहरों का मूल्यांकन किया जा रहा है, जहां परिवहन, आवास, सुरक्षा और अन्य जरूरी सुविधाओं का विस्तार किया जा सके। साथ ही, खिलाड़ियों के लिए विश्वस्तरीय ट्रेनिंग सेंटर और स्पोर्ट्स साइंस सपोर्ट सिस्टम विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

यह पहल भारत के दीर्घकालिक खेल विजन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश को खेलों में आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। आने वाले वर्षों में इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है, जिससे भारत बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार हो सके।