नई दिल्ली, फुटबॉल के दिग्गज Diego Maradona की मौत से जुड़े मामले में एक बार फिर जांच (ट्रायल) शुरू हो गई है। करीब 5 साल बाद यह केस दोबारा अदालत में पहुंचा है, जिससे पूरी दुनिया की नजर इस पर टिक गई है।
फुटबॉल दिग्गज डिएगो माराडोना की मौत के मामले की जांच दोबारा मंगलवार से शुरू हो रहा है। उनकी मेडिकल टीम पर सही इलाज न देने और लापरवाही बरतने के आरोप हैं।
मई 2025 में शुरू हुआ पहला ट्रायल उस समय रद्द कर दिया गया था, जब एक जज पर कोर्ट में बिना अनुमति डॉक्यूमेंट्री शूट कराने का आरोप लगा। अब नए जजों के सामने सुनवाई शुरू होगी।
माराडोना को फुटबॉल इतिहास के महान खिलाड़ियों में गिना जाता है। उन्होंने 1986 वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना को जीत दिलाई थी और ‘हैंड ऑफ गॉड’ गोल के लिए भी जाने जाते हैं।
माराडोना की 25 नवंबर 2020 को 60 साल की उम्र में मौत हुई थी। वे ब्रेन ब्लड क्लॉट की सर्जरी के बाद घर पर रिकवर कर रहे थे। पोस्टमॉर्टम में दिल का दौरा और फेफड़ों में पानी भरने को मौत की वजह बताया गया।
Diego Maradona की मौत का यह मामला सिर्फ एक खिलाड़ी की मृत्यु का नहीं, बल्कि मेडिकल जिम्मेदारी और लापरवाही के बड़े सवालों से जुड़ा है। इस नए ट्रायल का फैसला न केवल इस केस, बल्कि भविष्य के हाई-प्रोफाइल मेडिकल मामलों पर भी असर डाल सकता है।
















