नई दिल्ली, IPL के इस सीजन में प्लेऑफ की रेस बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। खास बात यह है कि जो टीमें पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी हैं, वही अब बाकी टीमों के प्लेऑफ समीकरण को प्रभावित कर रही हैं। निचले पायदान पर मौजूद टीमों की जीत और हार से टॉप-4 की तस्वीर लगातार बदल रही है, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।
गुरुवार को मुंबई इंडियंस ने पंजाब किंग्स को हरा दिया तो शुक्रवार को इस सीजन की सबसे कमजोर टीम साबित हुई लखनऊ ने चेन्नई सुपर किंग्स को मात दे दी। पिछले चार में से तीन सीजन में प्लेऑफ वही टीमें खेल पाई हैं जिन्होंने लीग राउंड में 16 या इससे ज्यादा पॉइंट्स बनाए हैं। पिछली हार के बाद अब पंजाब और चेन्नई को अगर 16 पॉइंट्स के बैरियर को छूना है तो आखिरी दोनों मैच जीतने होंगे।
आज गुजरात और कोलकाता का मैच है। गुजरात के पास टेबल टॉपर बनने और प्लेऑफ की गारंटी हासिल करने वाली पहली टीम बनने का मौका है। दूसरी ओर कोलकाता के पास जीत के अलावा कोई और रास्ता नहीं है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यही आईपीएल की सबसे बड़ी खासियत है, जहां आखिरी लीग मैच तक प्लेऑफ की स्थिति स्पष्ट नहीं होती। नेट रन रेट, जीत का अंतर और हेड-टू-हेड रिकॉर्ड जैसे फैक्टर अब निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। कुछ टीमों को सीधे क्वालिफाई करने के लिए बड़ी जीत की जरूरत है, जबकि कुछ को अन्य मुकाबलों के नतीजों का इंतजार करना पड़ सकता है।
फैंस के बीच भी प्लेऑफ कैलकुलेशन को लेकर उत्साह चरम पर है। सोशल मीडिया पर हर मैच के बाद नए समीकरण सामने आ रहे हैं और समर्थक अपनी पसंदीदा टीमों की संभावनाओं को लेकर चर्चा कर रहे हैं।
अब टूर्नामेंट के बचे हुए मुकाबले केवल जीत-हार तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि हर गेंद, हर रन और हर विकेट प्लेऑफ की तस्वीर बदलने की क्षमता रखता है। यही वजह है कि इस सीजन का अंतिम चरण बेहद रोमांचक माना जा रहा है।















