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नई दिल्ली, दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित टेनिस टूर्नामेंट्स में से एक फ्रेंच ओपन (रोलां गैरो) इस समय विवादों में घिरता नजर आ रहा है। कई शीर्ष खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट के आयोजन, सुविधाओं और शेड्यूलिंग से जुड़े मुद्दों को लेकर नाराज़गी जताई है और सुधार नहीं होने पर बायकॉट तक की चेतावनी दी है।

महिला वर्ल्ड नंबर-1आर्यना सबालेंका ने मंगलवार को कहा कि अगर फ्रेंच ओपन में प्राइज मनी नहीं बढ़ाई गई तो खिलाड़ी टूर्नामेंट का बहिष्कार कर सकते हैं। अमेरिकी स्टार कोको गॉफ ने भी इसका समर्थन किया। पुरुष वर्ग के नंबर-1 खिलाड़ी जैनिक सिनर और टॉप-10 के कई अन्य खिलाड़ियों ने भी इनामी राशि को लेकर नाराजगी जताई है।

सबालेंका का बयान ऐसे समय आया है, जब आयोजकों और खिलाड़ियों के बीच कमाई के बंटवारे को लेकर विवाद बढ़ गया है। इस साल फ्रेंच ओपन की प्राइज मनी 9.5% बढ़कर 61.7 मिलियन यूरो (686 करोड़ रुपए) हो गई है, लेकिन खिलाड़ी इसे कम मानते हैं।

खिलाड़ियों ने सोमवार को दावा किया कि टूर्नामेंट रेवेन्यू में उनकी हिस्सेदारी 2024 के 15.5% से घटकर 2026 तक 14.9% हो सकती है। खिलाड़ी रेवेन्यू में 22% हिस्सेदारी चाहते हैं, जो ATP और WTA के 1000 लेवल टूर्नामेंट्स के बराबर है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, खिलाड़ियों की मुख्य शिकायतें मैच टाइमिंग, कोर्ट की स्थिति, खिलाड़ियों के आराम (रिकवरी) का समय, और लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं को लेकर हैं। कुछ खिलाड़ियों का मानना है कि लगातार देर रात तक चलने वाले मैच उनके प्रदर्शन और फिटनेस पर असर डालते हैं।

टेनिस जगत में यह मुद्दा इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि Association of Tennis Professionals (ATP) और Women’s Tennis Association (WTA) जैसे संगठनों से जुड़े खिलाड़ी भी इस असंतोष में शामिल बताए जा रहे हैं। यदि बड़े नामों ने वास्तव में बायकॉट का फैसला लिया, तो टूर्नामेंट की प्रतिष्ठा और दर्शकों की दिलचस्पी पर बड़ा असर पड़ सकता है।

हालांकि आयोजकों की ओर से अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया सीमित रही है, लेकिन संकेत मिले हैं कि खिलाड़ियों की चिंताओं को दूर करने के लिए बातचीत जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों पक्षों के बीच समझौता होना जरूरी है, क्योंकि ग्रैंड स्लैम जैसे बड़े इवेंट में खिलाड़ियों की भागीदारी सबसे अहम होती है।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या खिलाड़ियों की मांगों पर ठोस कदम उठाए जाते हैं या यह विवाद और गहराता है। फिलहाल, बायकॉट की चेतावनी ने टेनिस जगत में हलचल जरूर पैदा कर दी है।