नई दिल्ली , IPL के टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग करने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और भारी संख्या में मैच टिकट, नकदी, मोबाइल फोन तथा डिजिटल लेनदेन से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए। इस कार्रवाई के बाद IPL मैचों के दौरान होने वाली टिकट कालाबाजारी पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
8 मार्च को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम के पास IPL मैचों की टिकटों और कॉम्प्लिमेंट्री पास की ब्लैक मार्केटिंग करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है।
क्राइम ब्रांच की टीम ने दिल्ली गेट के पास 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स मैच से पहले खुद को DDCA का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर क्रिकेट प्रेमियों को ठग रहे थे।
एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि ये पास अरुण जेटली स्टेडियम में पास एक पेट्रोल पंप में बिक रहे थे। पुलिस ने 54 मैच टिकट बरामद किए हैं, जिनमें 33 ऐसे कॉम्प्लिमेंट्री पास हैं जिन पर ‘नॉट फॉर सेल’ लिखा हुआ है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से टिकटों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। जांच में सामने आया कि गिरोह पहले बड़ी संख्या में टिकट खरीदता था और फिर लोकप्रिय मैचों के दौरान उन्हें कई गुना अधिक कीमत पर बेच देता था। खासतौर पर बड़े मुकाबलों और हाई-प्रोफाइल टीमों के मैचों के टिकटों की भारी मांग का फायदा उठाया जा रहा था।
सूत्रों के मुताबिक गिरोह सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप्स और निजी नेटवर्क के जरिए ग्राहकों से संपर्क करता था। कुछ मामलों में फर्जी QR कोड और नकली टिकट बेचने की शिकायतें भी सामने आई हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।
क्रिकेट प्रेमियों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। लंबे समय से फैंस शिकायत कर रहे थे कि आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर टिकट जल्दी खत्म हो जाते हैं और बाद में वही टिकट ब्लैक में कई गुना कीमत पर उपलब्ध होते हैं। इससे आम दर्शकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े खेल आयोजनों के दौरान टिकट ब्लैक मार्केटिंग एक संगठित कारोबार का रूप ले चुकी है। डिजिटल टिकटिंग के बावजूद साइबर नेटवर्क और बिचौलियों के जरिए अवैध बिक्री लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सख्त निगरानी और तकनीकी सुरक्षा जरूरी हो गई है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही टिकट खरीदें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।














