म्यूनिख/पेरिस, जर्मनी के छोटे से क्लब एसवी एल्वरसबर्ग ने इतिहास रचते हुए पहली बार बुंदेसलीगा के लिए क्वालिफाई कर लिया है। क्लब ने 2. बुंदेसलीगा के अंतिम मुकाबले में शानदार जीत दर्ज कर टॉप-डिवीजन में जगह बनाई। इस उपलब्धि के बाद पूरे जर्मन फुटबॉल जगत में एल्वरसबर्ग की चर्चा हो रही है।
इसके साथ ही एल्वरसबर्ग बुंदेसलीगा में पहुंचने वाला सबसे छोटा क्लब और यह टॉप लीग खेलने वाली जर्मनी की 59वीं टीम बन गई है।
क्वालिफिकेशन के एक अहम मुकाबले में एल्वरसबर्ग ने प्रूसेन मुंस्टर को 3-0 से करारी शिकस्त दी और पॉइंट टेबल में दूसरा स्थान पक्का कर लिया। मैच के शुरुआती 15 मिनट में ही बंबासे कोंटे और डेविड मोकवा ने गोल दागकर टीम को मजबूत स्थिति में ला दिया था। दूसरे हाफ में मोकवा ने एक और गोल कर टीम की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित कर दी।
1907 में बनी यह टीम 2021-22 तक जर्मनी की चौथी लीग (फोर्थ टियर) में खेलती थी। पिछले 5 सालों में यह उनका तीसरा प्रमोशन है। पिछले सीजन (2024-25) में भी वे बुंदेसलीगा में जाने के बेहद करीब थे, लेकिन प्लेऑफ के 95वें मिनट में हीडेनहाइम से गोल खाकर उनका दिल टूट गया था। उस झटके के बाद उनके सफल कोच होर्स्ट स्टीफन और 5 प्रमुख खिलाड़ी टीम छोड़कर चले गए थे। लेकिन नए हेड कोच विन्सेंट वैगनर ने हार नहीं मानी। उन्होंने हॉफेनहाइम से लोन पर आए बंबासे कोंटे, विंगर लुकास पेटकोव (13 गोल, 7 असिस्ट) और जनवरी में 16 करोड़ में खरीदे गए स्ट्राइकर डेविड मोकवा जैसे युवा खिलाड़ियों के दम पर नया इतिहास रच दिया।
जीत के बाद क्लब के खिलाड़ियों और फैंस में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। स्टेडियम में ऐतिहासिक जश्न मनाया गया और सोशल मीडिया पर भी क्लब की कहानी तेजी से वायरल हो रही है। कई फुटबॉल प्रशंसक इसे “अंडरडॉग से सुपरस्टार बनने” की कहानी बता रहे हैं।
















