नई दिल्ली , BCCI ने IPL के दौरान रील बनाने और सोशल मीडिया पर कंटेंट पोस्ट करने को लेकर सख्त कदम उठाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार BCCI ने खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और कुछ अधिकृत सदस्यों के लिए मैच और ड्रेसिंग रूम से जुड़े वीडियो, रील्स और बिहाइंड-द-सीन्स कंटेंट पोस्ट करने पर नई पाबंदियां लागू की हैं।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने IPL में एंटी-करप्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खिलाड़ियों, कमेंटेटर्स, उनके परिवार और ब्रॉडकास्टर्स के लिए सोशल मीडिया कंटेंट पर सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। बोर्ड ने कहा है कि संवेदनशील इलाकों में रील या वीडियो बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगां।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) ने इस सीजन में नियम उल्लंघन के कई मामले पकड़े हैं। इनमें खिलाड़ी और ब्रॉडकास्टर के तौर पर काम कर रहे पूर्व क्रिकेटर भी शामिल हैं। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल नहीं मानने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
सूत्रों के मुताबिक अब मैच के दौरान या ड्रेसिंग रूम एरिया में मोबाइल फोन और निजी रिकॉर्डिंग को लेकर सख्त गाइडलाइंस लागू की गई हैं। खिलाड़ियों और टीम सदस्यों को यह निर्देश दिया गया है कि वे मैच से जुड़े संवेदनशील कंटेंट को बिना अनुमति सोशल मीडिया पर साझा न करें।
हाल के वर्षों में IPL केवल क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं बल्कि एक बड़ा डिजिटल और एंटरटेनमेंट ब्रांड बन चुका है। खिलाड़ी इंस्टाग्राम रील्स, व्लॉग्स और शॉर्ट वीडियो के जरिए फैंस से जुड़ते रहे हैं। ऐसे में BCCI की नई पॉलिसी को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कुछ क्रिकेट फैंस का कहना है कि खिलाड़ियों के बिहाइंड-द-सीन्स वीडियो से उन्हें टीम और खिलाड़ियों को करीब से जानने का मौका मिलता था। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि करोड़ों रुपये के मीडिया राइट्स वाले टूर्नामेंट में कंटेंट कंट्रोल और ब्रॉडकास्ट एक्सक्लूसिविटी बनाए रखना जरूरी हो जाता है।
खेल और डिजिटल मीडिया विश्लेषकों के अनुसार भविष्य में खेल संगठनों द्वारा सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर और सख्त नियम बनाए जा सकते हैं। IPL जैसे बड़े आयोजनों में डिजिटल अधिकार अब टीवी प्रसारण जितने ही महत्वपूर्ण हो चुके हैं।















