नई दिल्ली , भारत के दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को भारतीय लीग या इवेंट्स में शामिल करना “भारतीयों की जान से खिलवाड़” जैसा होगा।
इंग्लैंड की लीग द हंड्रेड में सनराइजर्स लीड्स के पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को खरीदने पर विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
गावस्कर ने कहा कि भारतीय मालिकों का पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खरीदना भारतीयों की जान से खिलवाड़ जैसा है। ऐसे फैसलों से बचना चाहिए। इन पैसों से भारत के खिलाफ लड़ने के लिए हथियार खरीदे जाते हैं।
सनराइजर्स लीड्स ने 13 मार्च को लंदन में हुए ऑक्शन में अबरार को ₹2.34 करोड़ में खरीदा था। ऑक्शन में सनराइजर्स की CEO काव्या मारन भी मौजूद थीं। IPL टीम सनराइजर्स हैदराबाद और साउथ अफ्रीका लीग (SA20) की सनराइजर्स ईस्टर्न केप की ओनरशिप उनके पास ही है।
SRH के अबरार को खरीदने के फैसले के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने काफी विरोध भी किया था। SRH का ऑफिशियल X अकाउंट भी टेम्परेरी तौर पर बैन कर दिया गया था।
गावस्कर का यह बयान भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों और सुरक्षा चिंताओं के संदर्भ में आया है। उनका मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में किसी भी तरह की खेल साझेदारी में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
गावस्कर ने स्पष्ट कहा कि खिलाड़ियों की सुरक्षा, दर्शकों की सुरक्षा और आयोजन से जुड़े हर व्यक्ति की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। ऐसे में यदि किसी भी फैसले से जोखिम बढ़ता है, तो उससे बचना ही बेहतर है।
पहले भी दे चुके हैं ऐसे बयान
यह पहली बार नहीं है जब गावस्कर ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी हो। वे पहले भी कई बार भारत-पाक क्रिकेट संबंधों को लेकर सख्त रुख अपनाते रहे हैं और राजनीतिक हालात को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की बात कहते रहे हैं।
यह मुद्दा एक बार फिर इस बहस को जन्म देता है कि खेल को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए या नहीं। जहां कुछ लोग खेल के जरिए संबंध सुधारने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा और राष्ट्रीय भावना को प्राथमिकता देने की मांग भी उठती रहती है।
गावस्कर के इस बयान के बाद क्रिकेट जगत में बहस तेज हो गई है। कई विशेषज्ञ उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि खेल कूटनीति (Sports Diplomacy) भी रिश्तों को बेहतर बनाने का जरिया हो सकती है।
कुल मिलाकर, सुनील गावस्कर का यह बयान एक संवेदनशील मुद्दे को फिर से चर्चा में ले आया है, जहां सुरक्षा, राजनीति और खेल तीनों एक-दूसरे से जुड़े नजर आते हैं।













