नई दिल्ली, भारत-पाक मुकाबले को लेकर पूर्व स्पिनर Harbhajan Singh ने साफ संदेश दिया है—“इमोशन से नहीं, एक्सिक्यूशन से मैच जीतते हैं।” उनके मुताबिक जब भारत और पाकिस्तान आमने-सामने हों, तो 10–15 रन या 1–2 विकेट ही फर्क बना देते हैं।
टी-20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले हाई-वोल्टेज मैच से पहले पूर्व क्रिकेटरों ने टीम इंडिया की जीत का भरोसा जताया है। दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह का मानना है कि भारतीय टीम पाकिस्तान को हराने में सक्षम है, हालांकि उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों को पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक से सावधान रहने की सलाह भी दी है। वहीं, पूर्व विकेटकीपर नयन मोंगिया ने कहा कि भारतीय युवा अब निडर होकर खेलते हैं और पाकिस्तान पर लगातार हार का मनोवैज्ञानिक दबाव रहेगा।
हरभजन सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत की टीम मजबूत और संतुलित है, लेकिन मैच के दौरान धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखना जरूरी होगा। उन्होंने कहा,’भारत यह मैच जीतेगा। पाकिस्तान के पास उस्मान तारिक जैसा अच्छा स्पिनर है, इसलिए उसे संभलकर खेलना होगा। भारतीय टीम बहुत अच्छी है। हमें उम्मीद है कि खिलाड़ी बिना दबाव के अपना स्वाभाविक खेल दिखाएं और जीत हासिल करें।’
1) पावरप्ले में स्पष्ट प्लान
हरभजन का मानना है कि पहले 6 ओवर में 45–50 रन बिना ज्यादा जोखिम के आदर्श शुरुआत है। “एक सेट बल्लेबाज 30+ तक जाए और दूसरा एंकर बने”—यह संतुलन बड़े मैच में काम आता है।
2) मिडिल ओवर्स में स्पिन से शिकंजा
उनके अनुभव के अनुसार 7–15 ओवर में 3–4 ओवर किफायती (6–7 रन प्रति ओवर) डालना मैच का टर्निंग पॉइंट बन सकता है। स्पिनर को आक्रामक फील्ड के साथ विकेट-टू-विकेट गेंदबाजी करनी चाहिए, ताकि स्ट्राइक रोटेशन रुके और दबाव बने।
3) डेथ ओवर्स की सटीकता
आखिरी 5 ओवर में यॉर्कर और वाइड-यॉर्कर की सटीकता निर्णायक होती है। 45–50 रन से ज्यादा न देने का लक्ष्य रखें। एक खराब ओवर (15+ रन) पूरा गणित बिगाड़ सकता है।
4) मानसिक मजबूती
हरभजन की सलाह है—“भीड़ और शोर को ब्लॉक करो, प्रोसेस पर फोकस रखो।” बड़े मंच पर नाम नहीं, नर्व्स जीतते हैं। सीनियर खिलाड़ियों की जिम्मेदारी है कि वे ड्रेसिंग रूम में शांति और स्पष्टता बनाए रखें।
5) फील्डिंग में शून्य गलती
भारत-पाक मैचों में एक कैच या एक रन-आउट 20–25 रन के बराबर पड़ता है। मिसफील्ड या ड्रॉप-कैच का मतलब है विपक्ष को जीवनदान।
हरभजन का मूल मंत्र सरल है—छोटी-छोटी चीजें सही करो, मैच खुद आपके पक्ष में झुक जाएगा। बड़े मुकाबले में भावनाएं ऊंची होंगी, लेकिन जीत वही टीम ले जाती है जो प्लान पर 100% अमल करे।

















