नई दिल्ली, फुटबॉल की दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिता—FIFA वर्ल्ड कप—के लिए जर्मनी ने एक बार फिर अपना दबदबा साबित करते हुए क्वालिफिकेशन हासिल कर लिया है। यूरोपीय फुटबॉल की ऐतिहासिक शक्ति कही जाने वाली जर्मन टीम ने क्वालिफायर मुकाबलों में लगातार शानदार प्रदर्शन किया, जिसके चलते वे बिना किसी रोमांचक अंतिम गणित के आराम से मुख्य टूर्नामेंट में पहुंच गई।
जर्मनी और नीदरलैंड्स ने सोमवार को खेले गए यूरोपीय क्वालिफायर के अंतिम मुकाबलों में बड़ी जीत दर्ज कर 2026 FIFA वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर लिया। जर्मनी ने लीपजिग के रेड बुल एरेना में स्लोवाकिया को 6-0 से हराया। इसके साथ ही टीम लगातार 19वीं बार टूर्नामेंट में जगह बनाने में सफल रही। वहीं, एम्स्टर्डम में नीदरलैंड्स ने लिथुआनिया को 4-0 से मात दी।
लेरॉय साने ने जर्मनी के लिए दो गोल किए जर्मनी की ओर से निक वोल्टेमाडे (18वें मिनट), सर्ज ग्नब्री (29’), लेरॉय साने (36’ और 41’), रिडल बाकू (67’) और असन ओउएड्रागो (79’) ने गोल किए। साने ने मैच में दो गोल दागकर टीम की बड़ी जीत में अहम भूमिका निभाई।
नीदरलैंड्स की जीत तिजानी रेनडर्स (16’), कोडी गाक्पो (58’, पेनल्टी), जावी सिमन्स (60’) और डोनियेल मालेन (62’) के गोलों की बदौलत आई। टीम ने शुरुआती बढ़त को पूरे मुकाबले में कायम रखा।
जर्मनी ने 4 बार खिताब जीते ब्राजील FIFA वर्ल्ड कप की सबसे सफल टीम है। ब्राजील ने सबसे ज्याया पांच बार वर्ल्ड कप जीते हैं, उसके बाद जर्मनी और इटली का स्थान है, जिन्होंने चार-चार बार खिताब जीता है। अर्जेंटीना ने तीन खिताब जीते हैं, जबकि फ्रांस और उरुग्वे ने दो-दो बार खिताब जीते हैं। इंग्लैंड और स्पेन ने एक-एक बार यह टूर्नामेंट जीता है।
अब जर्मनी की नज़र वर्ल्ड कप में अपनी रणनीतियों को और तेज करने पर होगी। टीम प्रबंधन ने संकेत दिए हैं कि वे फिटनेस, टैक्टिकल विविधता और स्क्वॉड रोटेशन पर खास फोकस करेंगे, ताकि टूर्नामेंट की थकान का सामना आसानी से किया जा सके। FIFA वर्ल्ड कप की शुरुआत 1930 से हुई फीफा वर्ल्ड कप फुटबॉल का और दुनिया का सबसे बड़ा खेल इवेंट है। यह दर्शक क्षमता और लोकप्रियता के मामले में ओलिंपिक को टक्कर देता है। 1930 में शुरू हुआ यह टूर्नामेंट जब भी होता है तो पूरी दुनिया की नजरें इस पर टिक जाती हैं। इसका आयोजन चार साल में एक बार होता है। पिछले बार इस टूर्नामेंट को अर्जेंटीना ने जीता था, जबकि पहले फुटबॉल वर्ल्ड कप को जीतने वाली टीम उरुग्वे थी।















