नई दिल्ली, भारतीय कुश्ती जगत के उभरते सितारे अमन सहरावत को एक बड़ा झटका लगा है। वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) और नेशनल डोपिंग एजेंसी (NADA) की संयुक्त जांच में दोषी पाए जाने के बाद उन्हें एक साल के लिए कुश्ती से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस फैसले ने भारतीय कुश्ती में हलचल मचा दी है, क्योंकि अमन को देश का अगला बड़ा ओलंपिक दावेदार माना जा रहा था।
पेरिस ओलिंपिक में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले अमन सहरावत पर रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) ने एक साल का प्रतिबंध लगा दिया है। यह कार्रवाई सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में ओवरवेट होने के कारण उन्हें मुकाबले से डिसक्वालिफाई किए जाने के बाद की गई है।
22 साल के अमन सहरावत क्रोएशिया में 13 से 21 सितंबर के बीच हुई सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कैटेगरी में भारत की ओर से उतरने वाले थे। लेकिन उनका वजन 1.7 किलोग्राम ज्यादा था। इस कारण उन्हें प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया।
WFI अमन के जवाब से नाखुश WFI ने 23 सितंबर को अमन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और 29 सितंबर तक जवाब मांगा था। अमन ने अपना जवाब दिया, लेकिन फेडरेशन की अनुशासन समिति ने उसे असंतोषजनक माना। इसके बाद फेडरेशन ने एक साल का प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। इसके अलावा, अमन के मुख्य कोच जगमंदर सिंह और उनके कोचिंग स्टाफ के अन्य तीन सदस्यों – विनोद, वीरेंद्र और नरेंद्र – से भी वजन प्रबंधन की निगरानी में विफलता के लिए स्पष्टीकरण मांगा गया है। फेडरेशन का कहना है कि कोचिंग स्टाफ ने भी खिलाड़ी के वजन की निगरानी में लापरवाही बरती।
WFI ने कहा कि अमन जैसे ओलिंपिक मेडल विजेता से उच्च स्तर की प्रोफेशनलिज्म और अनुशासन की उम्मीद की जाती है। वजन नाप में असफल होना खेल के अनुशासन और तैयारी की कमी को दिखाता है।
वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में भारत को केवल एक मेडल मिला इस वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत की ओर से सिर्फ अंतिम पंघाल को पदक मिला। उन्होंने महिलाओं की 53 किग्रा कैटेगरी में ब्रॉन्ज जीता।
ओवरवेट का नियम 2023 में जारी वर्ल्ड यूनाइडेट रेसलिंग के नियमानुसार वर्ल्ड कप, रैंकिंग सीरीज और अन्य इंटरनेशनल टूर्नामेंट में 2 kg तक ओवरवेट अलाऊ है, लेकिन ओलिंपिक गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए ऐसा कोई प्रोविजन नहीं है। अगर 1 ग्राम भी वजन ज्यादा हो तो डिस्क्वालिफाई कर दिया जाता है।
















