नई दिल्ली, अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल के बड़े मंच पर वैभव ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसने उनका नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज करा दिया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने सबसे ज्यादा रन बनाकर नया हाईएस्ट स्कोर स्थापित किया। दबाव भरे मैच में खेली गई यह पारी न केवल टीम के लिए निर्णायक साबित हुई, बल्कि उनके करियर के लिए भी मील का पत्थर बन गई।
वैभव ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। पावरप्ले में सधी हुई शुरुआत के बाद उन्होंने मध्य ओवरों में स्ट्राइक रोटेट करते हुए पारी को संभाला और फिर डेथ ओवरों में तेज रन बटोरकर स्कोर को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनकी पारी में आकर्षक चौके-छक्के और लंबी साझेदारियां शामिल रहीं, जिससे विपक्षी टीम पर लगातार दबाव बना रहा।
14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में रिकॉर्ड की झड़ी लगा दी है। जिम्बाब्वे के हरारे क्रिकेट ग्रााउंड में इंग्लैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबले में भारतीय ओपनर ने 80 गेंदों पर 175 रन की पारी खेली। उन्होंने 15 चौके और 15 छक्के जमाए। वैभव की बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 50 ओवर में 411 रन बनाए।
अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में हाईएस्ट स्कोर बनाना खास उपलब्धि मानी जाती है, क्योंकि यह मुकाबला युवाओं के लिए सबसे बड़ा मंच होता है। इससे पहले भी कई दिग्गज खिलाड़ियों ने इस स्तर पर शानदार पारियां खेलकर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की नींव रखी थी। वैभव की यह पारी भी भविष्य के बड़े करियर का संकेत मानी जा रही है।
कोचिंग स्टाफ और क्रिकेट विशेषज्ञों ने उनकी मानसिक मजबूती और शॉट चयन की सराहना की है। फाइनल जैसे मैच में जहां एक-एक गेंद का दबाव होता है, वहां लंबी पारी खेलना खिलाड़ी के आत्मविश्वास और तकनीकी क्षमता को दर्शाता है।
अब क्रिकेट जगत की नजरें इस युवा बल्लेबाज पर रहेंगी कि वह आगे चलकर सीनियर स्तर पर भी इसी तरह का प्रदर्शन दोहरा पाते हैं या नहीं।
















