सैयद मोदी इंटरनेशनल 2025 में भारतीय बैडमिंटन की युवा स्टार जोड़ी त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला युगल का खिताब अपने नाम कर लिया। लखनऊ में खेले गए इस प्रतिष्ठित सुपर 300 टूर्नामेंट में दोनों खिलाड़ियों ने न सिर्फ आक्रामक खेल दिखाया, बल्कि मानसिक मजबूती, फिटनेस और रणनीति की परिपक्वता का भी बेहतरीन उदाहरण पेश किया।
त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने सैयद मोदी इंटरनेशनल 2025 बैडमिंटन टूर्नामेंट के विमेंस डब्ल्स का खिताब जीत लिया। भारतीय जोड़ी ने रविवार को खेले गए फाइनल फाइनल में जापानी जोड़ी को हराया टाइटल डिफेंड किया।
वर्ल्ड रैंकिंग में 14वें नंबर की इस भारतीय जोड़ी ने लखनऊ के बाबू बनारसी दास इनडोर स्टेडियम में जापान की काहो ओसावा और माई तानाबे को 17-21, 21-13, 21-15 से हराया। यह मुकाबला 1 घंटे 16 मिनट तक चला।
वहीं, पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 किदांबी श्रीकांत को मेंस सिंगल्स फाइनल में हांगकांग के जेसन गुणावान के खिलाफ 16-21, 8-21, 22-10 से हार मिली।
पहला गेम हारने के बाद जीती भारतीय जोड़ी पहले गेम में त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद इंटरवल तक 11-9 से पीछे थीं और अपना पहला गेम हार गईं। हालांकि, भारतीय बैडमिंटन जोड़ी दूसरे गेम में वापसी करने में सफल रही। इंटरवल पर वे 11-5 से आगे थीं और मैच को तीसरे गेम में ले जाने में सफल रहीं।
इसके बाद इस भारतीय जोड़ी ने निर्णायक गेम में शानदार प्रदर्शन करते हुए 11-5 की बढ़त लेने के बाद मैच जीतकर लगातार दूसरी बार सैयद मोदी इंटरनेशनल खिताब अपने नाम कर लिया।
टाई-ब्रेक में हारे श्रीकांत किदांबी श्रीकांत पहला गेम हारने के बाद दूसरे गेम में वर्ल्ड नंबर-59 जेसन गुणावान पर दबदबा बनाते हुए मैच तीसरे गेम तक ले गए। तीसरे गेम में श्रीकांत ने मैच प्वाइंट बचाया और टाई-ब्रेक तक मुकाबला ले गए, लेकिन आखिर में हार गए। जेसन गुणावान के खिलाफ यह किदांबी श्रीकांत की तीन मैचों में पहली हार थी। श्रीकांत ने इससे पहले 2016 में सैयद मोदी इंटरनेशनल का खिताब जीता था।
त्रिशा–गायत्री के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक चुनौतियाँ इंतज़ार कर रही हैं—
लेकिन उनके प्रदर्शन, परिपक्वता और निरंतरता को देखते हुए यह साफ है कि यह जोड़ी भारत को आने वाले वर्षों में कई बड़ी उपलब्धियाँ दिला सकती है।


















