नई दिल्ली, 47 साल के लंबे इंतजार के बाद जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विश्व कप जीतकर इतिहास रचा, तो पूरा देश खुशी से झूम उठा। यह सिर्फ एक खेल की जीत नहीं, बल्कि उस आत्मविश्वास, मेहनत और जज्बे की जीत थी जिसने भारत को विश्व क्रिकेट के शिखर पर पहुंचा दिया।
जैसे ही हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम ने फाइनल मुकाबला जीता, देश के कोने-कोने में जश्न की लहर दौड़ गई। दिल्ली से लेकर मुंबई, लुधियाना से लेकर चेन्नई तक सड़कों पर लोग तिरंगे लेकर उतर आए। ढोल-नगाड़ों की थाप पर युवाओं ने नृत्य किया, मिठाइयाँ बाँटी गईं और आसमान आतिशबाजियों से जगमगा उठा।
भारतीय विमेंस टीम रविवार को मुंबई में खेले गए वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में साउथ अफ्रीका को हराकर पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनी। इस जीत के बाद पूरा देश खुशी से झूम उठा। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर पूर्व खिलाड़ियों ने टीम को बधाई दी है।
दूसरी ओर, इस जीत के बाद BCCI ने टीम को 51 करोड़ रुपए का इनाम देने का ऐलान किया।
हमारी खिलाड़ियों को बधाई- पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ICC विमेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में भारतीय टीम की शानदार जीत। फाइनल में उनका प्रदर्शन अद्भुत कौशल और आत्मविश्वास से भरा था। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में असाधारण टीम वर्क और दृढ़ता दिखाई। हमारी खिलाड़ियों को बधाई। यह ऐतिहासिक जीत भविष्य के चैंपियन खिलाड़ियों को खेलों में शामिल होने के लिए प्रेरित करेगी। लड़कियों ने भारत को गौरवान्वित किया- राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लिखा, भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम की सभी मेंबर्स को ICC विमेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 जीतने पर मेरी हार्दिक बधाई। उन्होंने पहली बार जीत हासिल करके इतिहास रच दिया है। वे अच्छा खेल रही हैं और आज उन्हें अपनी प्रतिभा और प्रदर्शन के अनुरूप परिणाम मिला है। यह निर्णायक क्षण महिला क्रिकेट को और भी ऊंचाइयों पर ले जाएगा। जिस तरह से लड़कियों ने भारत को गौरवान्वित किया है, मैं उनकी प्रशंसा करती हूं।
यह जीत महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक मजबूत संदेश लेकर आई है – कि अवसर मिले तो भारत की बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में विश्व विजेता बन सकती हैं। इस जीत ने भारतीय खेल जगत में एक नया अध्याय लिख दिया है, जहाँ महिलाएँ सिर्फ मैदान पर नहीं, बल्कि दिलों में भी विजय हासिल कर रही हैं।
यह ऐतिहासिक पल आने वाली पीढ़ियों को यह याद दिलाता रहेगा कि भारत की बेटियाँ अब सिर्फ इतिहास नहीं, भविष्य भी लिख रही हैं।

















