नई दिल्ली, हाल के मुकाबलों में टीम इंडिया का प्रदर्शन एक बड़ी चिंता बनकर सामने आया है। बल्लेबाज़ी वह विभाग था जिस पर भारतीय क्रिकेट हमेशा गर्व करता आया है, लेकिन इस समय हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। चाहे स्पिन हो या पेस—भारतीय बल्लेबाज़ दोनों तरह की गेंदबाज़ी के सामने संघर्ष करते दिख रहे हैं। यह समस्या सिर्फ एक-आध मैच की नहीं, बल्कि गहराई से जुड़ी रणनीति, तैयारी और मानसिकता का संकेत दे रही है।
भारत के लिए साउथ अफ्रीका सीरीज हर दिन के साथ और भी खराब होते जा रही है। कोलकाता में स्पिन से हारने के बाद टीम गुवाहाटी में तेज गेंदबाजी के आगे फेल हो गई। बैटिंग के लिए मददगार पिच पर टीम ने लेफ्ट आर्म पेसर मार्को यानसन को 6 विकेट दिए और 201 रन पर ऑलआउट हो गई।
साउथ अफ्रीका ने पहली पारी में 288 रन की बढ़त के बावजूद फॉलो-ऑन नहीं दिया। टीम ने स्टंप्स तक अपनी दूसरी पारी में बगैर नुकसान के 26 रन बना लिए, इस तरह उनकी बढ़त 314 रन की हो चुकी है। 2 दिन का खेल बाकी है और भारत सीरीज में 0-1 से पीछे हैं। बराबरी के लिए भारत को जीत चाहिए, वहीं साउथ अफ्रीका मैच को ड्रॉ कराकर भी सीरीज जीत जाएगा।
ओपनर्स ने मजबूत शुरुआत दिलाई बरसापारा स्टेडियम में सोमवार को भारत ने 9/0 के स्कोर से आगे खेलना शुरू किया। केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल ने संभलकर फिफ्टी पार्टनरशिप की और मजबूत नींव रखी। राहुल 22 रन बनाकर केशव महाराज की गेंद पर स्लिप में कैच हुए।
पहले विकेट के बाद भी यशस्वी जायसवाल और साई सुदर्शन ने टीम को संभाले रखा। यशस्वी ने फिफ्टी लगाई और टीम को 100 रन के करीब पहुंचा दिया। हालांकि, दोनों को साइमन हार्मर ने लगातार ओवरों में कैच करा दिया। भारत ने 96 रन पर 3 विकेट गंवा दिए।

















