नई दिल्ली , Pakistan Super League के आगामी सीजन में बांग्लादेशी खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। यह मुद्दा क्रिकेट से ज्यादा अब बोर्ड स्तर और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़ा नजर आ रहा है।
पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में बांग्लादेशी खिलाड़ियों की भागीदारी अब सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगी। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए यह फैसला लिया है।
पहले बोर्ड ने 6 खिलाड़ियों को NOC दिया था। इनमें मुस्तफिजुर रहमान, परवेज हुसैन एमोन (लाहौर कलंदर्स), शोरीफुल इस्लाम, नाहिद राणा, तंजीद हसन तमीम और रिशाद हुसैन (पेशावर जाल्मी) शामिल हैं।
PSL 26 मार्च से 3 मई तक खेला जाना है, लेकिन अब खिलाड़ियों के पाकिस्तान जाने से पहले सरकार से अनुमति ली जाएगी।
अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तनाव बनी वजह बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के क्रिकेट ऑपरेशंस चेयरमैन नजमुल आबेदीन ने कहा कि मौजूदा हालात सामान्य नहीं हैं। अफगानिस्तान और पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव की वजह से खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर रिस्क है।
सूत्रों के मुताबिक, Bangladesh Cricket Board और Pakistan Cricket Board के बीच शेड्यूल और खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। इसी कारण बांग्लादेश के प्रमुख खिलाड़ी PSL में खेलने को लेकर असमंजस में हैं।
दरअसल, अंतरराष्ट्रीय मैचों और घरेलू सीरीज के व्यस्त कार्यक्रम के चलते BCB अपने खिलाड़ियों को NOC (No Objection Certificate) देने में सावधानी बरत रहा है। बोर्ड नहीं चाहता कि खिलाड़ियों की फिटनेस या राष्ट्रीय टीम की तैयारियों पर असर पड़े।
इस स्थिति का असर PSL फ्रेंचाइजी पर भी पड़ सकता है, क्योंकि कई टीमों ने बांग्लादेशी खिलाड़ियों को अपनी रणनीति में शामिल किया था। अगर उन्हें खेलने की अनुमति नहीं मिलती है, तो टीम संयोजन में बदलाव करना पड़ सकता है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में दोनों बोर्डों के बीच बातचीत से समाधान निकल सकता है, लेकिन फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।
कुल मिलाकर, PSL के इस सीजन में बांग्लादेशी खिलाड़ियों की मौजूदगी पर सस्पेंस बना हुआ है, जो टूर्नामेंट की रणनीति और प्रतिस्पर्धा दोनों को प्रभावित कर सकता है।


















