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नई दिल्ली । इंग्लैंड में करीब 2 महीने चली एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी को टीम इंडिया ने 2-2 से ड्रॉ करा लिया। भारत ने आखिरी मुकाबला 6 रन के करीबी अंतर से जीता, सीरीज हार टाल दी। भारत ने लॉर्ड्स टेस्ट 22 रन से गंवाया, वहीं लीड्स टेस्ट में 373 रन डिफेंड नहीं कर सका। अगर एक भी मुकाबले का नतीजा भारत के पक्ष में रहता तो टीम इंडिया सीरीज जीत जाती।

पूरी सीरीज में टीम के कुछ खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतरीन रहा। 3 भारतीयों ने 500 प्लस रन बनाए, कप्तान शुभमन गिल तो 754 रन बनाकर टॉप स्कोरर रहे। वहीं मोहम्मद सिराज ने सबसे ज्यादा विकेट लिए। उन्होंने ही आखिरी टेस्ट में 9 विकेट लेकर टीम को जीत भी दिलाई।

केएल राहुल: 9/10 टीम इंडिया के ओपनर केएल राहुल को रोहित शर्मा के रिटायरमेंट के बाद पूरी सीरीज में ओपनिंग करने का मौका मिला। उन्होंने इस मौके को भुनाया और 532 रन बना दिए। इनमें 2 शतक और 2 फिफ्टी शामिल रहीं। राहुल ने आखिरी टेस्ट छोड़कर हर मुकाबले में 50 से ज्यादा का स्कोर बनाया। इनमें भी 3 बार राहुल 46, 39 और 42 रन के स्कोर पर आउट होकर फिफ्टी लगाने से चूक गए।

राहुल ओपनिंग करते हुए घर से बाहर 500 से ज्यादा रन बनाने वाले भारत के दूसरे बैटर बने। उनसे पहले सुनील गावस्कर ने इंग्लैंड और वेस्टइंडीज में यह कारनामा किया था। राहुल ने पूरी सीरीज में नई गेंद पुरानी करने का काम किया और बाकी बैटर्स के लिए काम आसान किया। उन्होंने सीरीज में 1066 गेंदें भी खेलीं, जो ओपनिंग करते हुए सबसे ज्यादा रहीं। राहुल का 1 नंबर आखिरी टेस्ट में प्रदर्शन के कारण कटा, जहां वे 7 और 14 रन के स्कोर ही बना सके। राहुल ने इस सीरीज के साथ अपनी ओपनिंग पोजिशन पक्की कर ली।

यशस्वी जायसवाल: 7/10 राहुल के साथी ओपनर यशस्वी जायसवाल ने सीरीज के पहले और आखिरी मुकाबले में शतक लगाया। हालांकि बीच के 3 मुकाबलों में वे फीके रहे। यशस्वी 2 बार खाता भी नहीं खोल सके और 3 बार 15 से कम रन के स्कोर पर आउट हो गए।

यशस्वी ने सीरीज में 2 शतक और 2 फिफ्टी जरूर लगाईं, लेकिन बैटिंग के लिए आसान पिचों के बावजूद वे 10 पारियों में 411 रन ही बना सके। जो उनके स्टैंडर्ड से कम है। इसी तरह की पिचों पर उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ पिछले साल भारत में 732 रन बना दिए थे। आखिरी टेस्ट में जरूर उन्होंने स्विंगिंग कंडीशन के बावजूद बेहतरीन शतक लगाया और अपने 1.5 पॉइंट्स बढ़ा लिए। हालांकि इस वक्त यशस्वी ही टीम के बेस्ट ओपनर है, इसलिए वे टीम का हिस्सा बने रहेंगे।