नई दिल्ली, दक्षिण अफ्रीका की टीम ने टूर्नामेंट में लगातार चौथी जीत दर्ज कर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। शानदार बल्लेबाजी, अनुशासित गेंदबाजी और बेहतरीन फील्डिंग के दम पर टीम ने विपक्ष को हर विभाग में पीछे छोड़ा।
साउथ अफ्रीका ने टी-20 वर्ल्ड कप के 34वें मैच में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को 6 विकेट से हरा दिया। टीम की इस वर्ल्डकप में लगातार चौथी जीत है। वहीं, UAE की तीसरी हार है। साउथ अफ्रीका सुपर-8 में पहले ही पहुंच चुकी है और UAE बाहर हो चुकी है। दोनों टीमों का यह आखिरी ग्रुप स्टेज मुकाबला था।
साउथ अफ्रीका ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में टॉस जीतकर बॉलिंग का फैसला किया। UAE ने 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 122 रन बनाए। 123 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका ने 13.2 ओवर में 4 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया।
साउथ अफ्रीका के लिए डेवाल्ड ब्रेविस ने 36, रयान रिकेल्टन ने 30, ऐडन मार्करम ने 28 और क्विंटन डी कॉक ने 14 रन बनाए। जेसन स्मिथ (3) और ट्रिस्टन स्टब्स (6) नाबाद रहें। UAE के लिए मुहम्मद फारूक, हैदर अली, मुहम्मद अरफान और मुहम्मद जवादुल्लाह को 1-1 विकेट मिला।
UAE के लिए अलीशान शराफू ने सबसे ज्यादा 45 रन बनाए। उनके अलावा कप्तान मुहम्मद वसीम 22, ओपनर अर्यांश शर्मा ने 13 और मुहम्मद अरफान ने 11 रन बनाए। साउथ अफ्रीका के लिए कॉर्बिन बॉश ने 3 और एनरिक नॉर्त्या ने 2 विकेट लिए। जॉर्ज लिंडे को
मैच में दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष क्रम ने आक्रामक शुरुआत दी, जिससे टीम को मजबूत आधार मिला। मध्यक्रम ने जिम्मेदारी निभाते हुए स्कोर को प्रतिस्पर्धी स्तर तक पहुंचाया। गेंदबाजों ने नई गेंद से शुरुआती विकेट लेकर विपक्ष पर दबाव बनाया और बीच के ओवरों में रन गति पर अंकुश लगाया।
लगातार चार जीत के साथ टीम अंक तालिका में मजबूत स्थिति में पहुंच गई है। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि दक्षिण अफ्रीका इस बार संतुलित और आत्मविश्वास से भरी टीम के रूप में मैदान में उतरी है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में गहराई टीम की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि टीम इसी लय को बरकरार रखती है, तो नॉकआउट चरण में भी वह खिताब की प्रबल दावेदार बन सकती है। कप्तान और टीम प्रबंधन की रणनीति फिलहाल सफल साबित हो रही है, जहां खिलाड़ियों को स्पष्ट भूमिकाएं दी गई हैं और दबाव की स्थिति में संयम दिखाया जा रहा है।
लगातार चौथी जीत ने टीम का मनोबल ऊंचा कर दिया है और आगामी मुकाबलों में विरोधी टीमों के लिए चुनौती और कठिन हो गई है।
















