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नई दिल्ली, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की आक्रमक ओपनर शेफाली वर्मा ने हाल ही में खुलकर कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य शुरू से ही वर्ल्ड कप जीतना था। युवा उम्र में ही कई बड़े मंचों पर दमदार प्रदर्शन कर चुकी शेफाली ने यह साफ कर दिया है कि उनका क्रिकेट सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड तक सीमित नहीं, बल्कि देश के लिए बड़ा खिताब जीतना ही उनका सबसे बड़ा सपना था।

2025 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद टीम की स्टार खिलाड़ी शेफाली वर्मा ने मैदान के अंदर और बाहर के कई अहम पलों पर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि कैसे प्रतिका रावल की चोट के बाद टीम में शामिल होने से लेकर सुने लूस–लौरा वोल्वार्ट की खतरनाक पार्टनरशिप तोड़ने तक हर मोड़ पर दिमाग में सिर्फ एक ही लक्ष्य था।

टीम को जीत दिलाना।स्मृति मंधाना के साथ फाइनल में हुई बातचीत, अमनजोत कौर के टर्निंग पॉइंट बने कैच, 2020 और 2025 फाइनल के फर्क और कोच अनमोल मजूमदार के रोल पर भी उन्होंने ईमानदारी से बात की।

शेफाली वर्मा की सोच: लक्ष्य से समझौता नहीं

शेफाली ने बताया कि बचपन से ही उन्होंने अपने खेल को उसी दिशा में ढाला था—जहां टीम को बड़े मंच पर जीत दिलाना ही प्राथमिकता हो।
उनके मुताबिक:

  • वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाने की भावना हमेशा उनके मन में रही।

  • हर मैच, हर प्रैक्टिस और हर इनिंग उसी एक लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए थी।

  • उन्होंने कहा कि बड़े फॉर्मेट का दबाव हो या मुश्किल परिस्थितियाँ, उनके लिए केवल अंत में भारत की जीत मायने रखती है।

प्रदर्शन जिसने बनाया उन्हें टीम की रीढ़

शेफाली कई मौकों पर भारत की सबसे आक्रामक और मैच बदलने वाली बल्लेबाज साबित हुई हैं।

  • पावरप्ले में तेज़ रन बनाना उनकी सबसे बड़ी ताकत रही।

  • स्पिन और पेस—दोनों के खिलाफ अटैकिंग माइंडसेट ने भारत को मजबूत शुरुआत दी।

  • ICC इवेंट्स में उनके fearless शॉट्स ने यह साबित किया कि वे बड़े मंच के लिए ही बनी हैं।

टीम पर उनका प्रभाव

शेफाली के प्रदर्शन और उनकी स्ट्राइक-रेट आधारित बल्लेबाजी ने भारत की टीम रणनीति को भी बदलने में मदद की।

  • अब टीम शुरुआती ओवरों में अधिक आक्रामक खेल का रुख अपनाती है।

  • शेफाली जूनियर खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनीं कि कम उम्र रुकावट नहीं, बल्कि नई ऊर्जा का प्रतीक हो सकती है।

आगे की रणनीति

वर्ल्ड कप जीतने के मकसद ने शेफाली को और अधिक अनुशासित, आत्मविश्वासी और दृढ़ बनाया है।
अब उनका अगला मिशन है—हर टूर्नामेंट में भारत के लिए मैच विनिंग परफॉर्मेंस देना और टीम को विश्व स्तर पर नई ऊंचाइयों पर पहुंचाना।