नई दिल्ली, पिछली कुछ टेस्ट सीरीज में घरेलू पिचों पर भारतीय बल्लेबाज़ों की निराशाजनक विफलता के बाद, पूर्व क्रिकेटर और टिप्पणीकार Sanjay Manjrekar ने एक विवादित लेकिन सोचने-वाली टिप्पणी की है — उनका कहना है कि कई भारतीय बल्लेबाज़ “NRI (Non-Resident Indian)” जैसे बन गए हैं। उनका तात्पर्य यह है कि वे भारत में घरेलू फर्स्ट-क्लास क्रिकेट या घरेलू टेस्ट-पिच पर नहीं खेलते, बल्कि उनकी अधिकतर क्रिकेट यात्रा विदेशों में हो रही है — जिससे वे घरेलू परिस्थितियों के अनुरूप नहीं हैं।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने भारतीय बल्लेबाजों की घरेलू पिच पर कमजोर तैयारी और विदेशी दौरों में ज्यादा खेलने की आदत पर तंज कसा है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि भारतीय बैटर्स NRI होते जा रहे हैं।
मांजरेकर ने टीम इंडिया की खराब बैटिंग पर कहा- ‘फुटवर्क, डिफेंस और स्ट्राइक रोटेशन जैसी स्किल्स सुधारना जरूरी है। अगली टेस्ट सीरीज से पहले घरेलू मैचों पर ध्यान देना बेहद अहम होगा।’
दरअसल, साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारतीय बैटिंग फेल रही है। टीम दो टेस्ट मैच में एक दफा 200 का आंकड़ा पार कर पाई है। इतना ही नहीं, टीम से सिर्फ दो बल्लेबाज फिफ्टी लगा सके हैं।
खराब बल्लेबाजी के कारण टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका ने 25 साल पर भारतीय सरजमीं पर क्लीन स्वीप कर दिया।
मांजरेकर ने कहा- तैयारी की कमी के कारण बैटिंग फेल रही मांजरेकर का कहना है कि भारत की बैटिंग फेल होने का सबसे बड़ा कारण तैयारी की कमी है। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी घरेलू फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में अच्छा खेलते हैं, लेकिन टीम में चुने जाने के बाद घरेलू मैच छोड़ देते हैं। यही वजह है कि जब वे भारत में खेलते हैं, तो पिच और परिस्थितियों से अनजान नजर आते हैं।


















