नई दिल्ली, भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा एक लंबे अंतराल के बाद विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने उतरने जा रहे हैं। यह मौका खास इसलिए है क्योंकि रोहित आखिरी बार 2018 में इस टूर्नामेंट में खेले थे। सात साल बाद उनकी घरेलू क्रिकेट में वापसी ने प्रशंसकों और चयनकर्ताओं दोनों के बीच नई उत्सुकता पैदा कर दी है।
रोहित शर्मा 7 साल बाद विजय हजार ट्रॉफी खेलेंगे। उन्होंने आखिरी बार 2018 में टूर्नामेंट खेला था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रोहित ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) को टूर्नामेंट में अपनी उपलब्धता की जानकारी दी है।
हालांकि विराट कोहली ने अभी तक दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन (DDCA) को इस टूर्नामेंट में खेलने को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। उन्होंने 2010 में विजय हजारे ट्रॉफी खेली थी।
इससे पहले BCCI ने रोहित शर्मा और विराट कोहली से कहा था कि वनडे टीम में अपनी जगह बनाए रखने के लिए उन्हें घरेलू टूर्नामेंटों में हिस्सा लेना होगा। विजय हजारे ट्रॉफी की शुरुआत 24 दिसंबर से होगी।
साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड सीरीज के बीच विजय हजारे ट्रॉफी विजय हजारे ट्रॉफी डोमेस्टिक कैलेंडर में होने वाला एकमात्र वनडे टूर्नामेंट हैं। इस टूर्नामेंट को 3 से 9 दिसंबर के बीच होने वाली भारत-साउथ अफ्रीका वनडे सीरीज और 11 जनवरी से शुरू होने वाली भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज के बीच रखा गया है।
ऑस्ट्रेलिया सीरीज से वापसी की 38 साल के रोहित और 37 साल के कोहली ने पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया में हुई वनडे सीरीज में हिस्सा लिया था। दोनों ने लगभग सात महीने बाद भारतीय टीम में वापसी की थी। सीरीज के आखिरी मैच में कोहली-रोहित ने नाबाद 168 रन जोड़े के भारत को जीत दिलाई थी।
रोहित सीरीज में 202 रन बनाकर टॉप स्कोरर थे। एक फिफ्टी और एक शतक भी लगाया था। वहीं कोहली ने शुरुआती दो मैचों में शून्य पर आउट होने के बाद वापसी करते हुए नाबाद 87 रन बनाए थे। रोहित शर्मा का सात साल बाद विजय हजारे ट्रॉफी में खेलना भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ा पल है। यह न केवल उनकी घरेलू जड़ों से जुड़ने की भावना दिखाता है, बल्कि देश के उभरते खिलाड़ियों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि रोहित अपनी वापसी को कितनी शानदार पारियों में बदल पाते हैं।

















