नई दिल्ली, पुडुचेरी के अंडर‑19 क्रिकेट कोच S. Venkataraman पर 8 दिसंबर 2025 को उनके ही खिलाड़ियों द्वारा कथित तौर पर हिंसक हमला किया गया। खिलाड़ियों का गुस्सा चयन प्रक्रिया और टीम में अपनी जगह नहीं मिलने को लेकर था। इस हमले में कोच के सिर पर 20 टांके लगे और उनका कंधा फ्रैक्चर हो गया। उन्हें तुरंत नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
पुडुचेरी क्रिकेट एसोसिएशन (CAP) विवादों में घिर गया है। सोमवार को एसोसिएशन के अंडर-19 टीम के हेड कोच एस वेंकटारमन पर तीन लोकल खिलाड़ियों ने हमला कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक खिलाड़ी सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) की टीम से ड्रॉप किए जाने से नाराज थे।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला सोमवार सुबह करीब 11 बजे CAP के इंडोर नेट्स में हुआ। वेंकटारमन को गंभीर चोटें आईं हैं। उनके सिर पर 20 टांके लगे और कंधे में फ्रैक्चर हुआ। इस मामले की शिकायत सेडारापेट पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है। वेंकटारमन पहले CAP के सचिव भी रह चुके हैं।
CAP ने हमले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। जबकि इसके CEO राजू मेहता ने एसोसिएशन के कामकाज का बचाव करते हुए कहा कि शासन में जीरो टॉलरेंस फॉर करप्शन नीति लागू है।
सेडारापेट थाने के सब-इंस्पेक्टर एस राजेश ने कहा, वेंकटारमन को सिर पर 20 टांके लगे हैं, लेकिन उनकी हालत स्थिर है। जिन खिलाड़ियों पर आरोप है वे फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है। अपनी शिकायत में वेंकटारमन ने सीनियर क्रिकेटर कार्तिकेयन जयराम सुन्दरम, फर्स्ट क्लास खिलाड़ी ए अरविंदराज और एस संतोष कुमारन के नाम बताए हैं।
उन्होंने भरतिदासन पुडुचेरी क्रिकेटर्स फोरम के सचिव जी. चंद्रन पर खिलाड़ियों को भड़काने का भी आरोप लगाया। वेंकटारमन ने दावा किया है कि अरविंदराज ने मुझे पकड़ा, कार्तिकेयन ने संतोष कुमारन का बैट लेकर मुझ पर हमला किया। वे कह रहे थे कि चंद्रन ने कहा है कि मुझे मारोगे तभी टीम में जगह मिलेगी।
CAP में बाहरी खिलाड़ियों को बढ़ावा इससे एक दिन पहले इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी जांच में दावा किया था कि CAP में बाहरी खिलाड़ियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही पुडुचेरी में जन्मे खिलाड़ियों के साथ भेदभाव करने के लिए डोमिसाइल डॉक्यूमेंट्स में हेरफेर की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, 2021 के बाद से सिर्फ पांच पुडुचेरी में जन्में खिलाड़ी रणजी ट्रॉफी में खेले हैं। उसी रिपोर्ट में BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने इन आरोपों को गंभीर बताते हुए कहा था कि मामले की जांच की जाएगी।
क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ पुडुचेरी (CAP) ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और आरोपित खिलाड़ियों की तलाश जारी है। इस घटना ने युवाओं के क्रिकेट प्रशिक्षण संस्थानों में सुरक्षा और अनुशासन के मुद्दों को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों से कोच और खिलाड़ियों के बीच भरोसा कमजोर होता है और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की आवश्यकता बढ़ जाती है।
CAP प्रशासन अब खिलाड़ियों और कोचों के लिए सुरक्षा उपायों को कड़ा करने के साथ ही चयन प्रक्रिया में स्पष्टता लाने की दिशा में कदम उठा रहा है। इस घटना ने पूरे क्रिकेटing समुदाय में चिंताएँ पैदा कर दी हैं और यह चेतावनी है कि अनुशासनहीनता किसी भी युवा क्रिकेट संरचना के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

















