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नई दिल्ली, भारतीय एथलेटिक्स जगत से जुड़ी एक भावुक खबर सामने आई है। महान धाविका पीटी उषा के करीबी सहयोगी और उनके संघर्ष के दिनों में मजबूत सहारा रहे श्रीनिवासन का निधन हो गया। उन्हें उषा के करियर के शुरुआती दौर से “पिलर ऑफ सपोर्ट” के रूप में जाना जाता था, जिन्होंने न सिर्फ व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि पेशेवर सफर में भी उनका साथ निभाया।

भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद पीटी उषा के पति वी. श्रीनिवासन का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। वे 67 साल के थे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, श्रीनिवासन शुक्रवार सुबह अपने घर पर अचानक गिर पड़े थे। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पीएम मोदी ने पीटी उषा से फोन पर की बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद खबर के बाद पीटी उषा से फोन पर बात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। पीएमओ के अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने श्रीनिवासन के निधन पर गहरा दुख जताया और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। श्रीनिवासन एक पूर्व केंद्र सरकार के कर्मचारी थे, लेकिन उन्होंने अपना अधिकांश समय पीटी उषा के खेल और राजनीतिक सफर को संवारने में लगाया।

पीटी उषा के करियर की नींव जिस दौर में तैयार हो रही थी, उस समय संसाधनों की कमी, प्रशिक्षण सुविधाओं का अभाव और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा की चुनौतियां थीं। ऐसे समय में श्रीनिवासन का सहयोग, प्रोत्साहन और भरोसा उषा के लिए बड़ी ताकत बना। उन्होंने उषा के प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं की तैयारी और मानसिक मजबूती में अहम भूमिका निभाई।

खेल जगत में अक्सर खिलाड़ियों के पीछे खड़े उन लोगों का जिक्र कम होता है, जो पर्दे के पीछे रहकर सफलता की इमारत खड़ी करते हैं। श्रीनिवासन भी ऐसे ही व्यक्तित्व थे, जिनका योगदान सुर्खियों से दूर रहा, लेकिन प्रभाव बेहद गहरा था। उषा के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाने की यात्रा में उनका समर्थन एक स्थायी स्तंभ की तरह रहा।

खेल समुदाय ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है और उन्हें एक समर्पित सहयोगी, मार्गदर्शक और खेल-प्रेमी व्यक्ति के रूप में याद किया जा रहा है। यह क्षति केवल एक परिवार या एक खिलाड़ी के लिए नहीं, बल्कि भारतीय एथलेटिक्स के उस दौर की स्मृति के लिए भी है जिसने सीमित संसाधनों में विश्व स्तर पर पहचान बनाई।