66c16c2536d65 donald trump 183603978 16x9
66c16c2536d65 donald trump 183603978 16x9

नई दिल्ली, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने खेल जगत से जुड़े एक संवेदनशील मुद्दे पर बयान देकर नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने कहा कि महिला प्रतियोगिताओं में पुरुषों की भागीदारी नहीं होनी चाहिए और इस मुद्दे को लेकर उन्होंने Olympic Games से जुड़ी संस्थाओं पर भी दबाव बनाने की बात कही। अमेरिका के पास 2028 ओलंपिक की मेजबानी है। लॉस एंजिल्स में इसका आयोजन किया जाएगा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ओलंपिक में पुरुषों को महिला इवेंट में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने खेलों में लैंगिक नीति पर अपने प्रशासन के रुख को दोहराया। पेरिस ओलंपिक में इस मुद्दे पर काफी विवाद हुआ था।

इस मुद्दे पर बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें कहा गया है कि सरकार केवल दो लिंगों को मान्यता देती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह नीति अमेरिका द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर भी लागू होगी।

ट्रंप के इस बयान के बाद दुनिया भर में खेल नीतियों, लैंगिक पहचान और निष्पक्ष प्रतियोगिता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि महिला खेलों में पुरुषों की भागीदारी की अनुमति दी जाती है तो अमेरिका की ओर से कड़ा रुख अपनाया जा सकता है।

यह मुद्दा खास तौर पर उन नीतियों से जुड़ा है जिनमें ट्रांसजेंडर एथलीट्स की भागीदारी पर चर्चा होती रही है। समर्थकों का कहना है कि सभी खिलाड़ियों को समान अवसर मिलना चाहिए, जबकि विरोध करने वाले लोग मानते हैं कि इससे महिला खिलाड़ियों के लिए प्रतिस्पर्धा असमान हो सकती है।

वैश्विक स्तर पर इस विषय पर अलग-अलग खेल संगठनों की नीतियां भी अलग हैं। कुछ संस्थाएं वैज्ञानिक मानकों और हार्मोन स्तर जैसे नियमों के आधार पर भागीदारी तय करती हैं, जबकि कुछ देशों में इस पर कड़े प्रतिबंध भी लागू हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह मुद्दा केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सामाजिक, कानूनी और राजनीतिक पहलू भी जुड़े हुए हैं। इसी कारण ट्रंप के बयान के बाद यह बहस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और तेज हो गई है।