नई दिल्ली, न्यूजीलैंड ने तीसरे टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए विपक्षी टीम को 323 रन के विशाल अंतर से हरा दिया। इस जीत के साथ ही कीवी टीम ने न सिर्फ सीरीज में अपनी स्थिति मजबूत की, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में अपनी ताकत का भी शानदार प्रदर्शन किया। मैच के पांचों दिन न्यूजीलैंड का दबदबा साफ नजर आया और विरोधी टीम को वापसी का कोई मौका नहीं मिला।
न्यूजीलैंड की इस बड़ी जीत की नींव पहली पारी में ही रख दी गई थी। टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों ने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए मजबूत स्कोर खड़ा किया। मध्यक्रम ने भी जिम्मेदारी निभाई और टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। जवाब में विपक्षी टीम की बल्लेबाजी न्यूजीलैंड के तेज और स्पिन गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बिखर गई।
न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज को तीसरे टेस्ट मैच में 323 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ कीवी टीम ने 3 मैचों की टेस्ट सीरीज भी 2-0 से अपने नाम कर ली और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर पहुंच गई।
माउंट माउंगानुई के बे ओवल में खेले गए इस मुकाबले में न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। डेवोन कॉन्वे और टॉम लैथम ने दोनों पारियों में शतक जमाए। वहीं, गेंदबाज जैकब डफी ने मैच में कुल 9 विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई।
सोमवार को मैच के पांचवें दिन वेस्टइंडीज ने 43/0 से खेलना शुरू किया, लेकिन 419 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पूरी टीम 138 रन पर सिमट गई। डफी ने दूसरी पारी में 5 विकेट झटके।
डफी ने 5 और एजाज ने 3 विकेट लिए पांचवें दिन पिच से शानदार बाउंस देखने को मिला और वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। टीम 80.3 ओवर में सिर्फ 138 रन पर ऑलआउट हो गई। ब्रैंडन किंग ने 67 रन बनाकर थोड़ी पारी को संभालने की कोशिश की लेकिन बाकी बल्लेबाज टिक नहीं सके। डफी ने 5 विकेट लेकर मैच खत्म किया। उनके अलावा एजाज पटेल ने 3 विकेट झटके। ग्लेन फिलिप्स और रचिन रवींद्र को 1-1 विकेट मिला। डफी को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।
दूसरी पारी में भी न्यूजीलैंड ने अपनी बढ़त को और मजबूत किया। बल्लेबाजों ने विपक्षी गेंदबाजों को थकाते हुए बड़ा लक्ष्य खड़ा किया। 323 रन का लक्ष्य टेस्ट क्रिकेट में किसी भी टीम के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, और यही दबाव विपक्षी टीम पर भारी पड़ा।
लक्ष्य का पीछा करते हुए विरोधी टीम की शुरुआत लड़खड़ा गई। लगातार विकेट गिरने से टीम कभी भी मुकाबले में लौटती नजर नहीं आई। न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने धैर्य बनाए रखा और अंततः मैच को अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने साबित कर दिया कि घरेलू परिस्थितियों में उनकी टीम को हराना बेहद मुश्किल है। यह जीत न केवल सीरीज के लिहाज से अहम रही, बल्कि टीम के आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई देने वाली साबित हुई।

















