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नई दिल्ली , Indian Premier League के इतिहास में पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है जब सभी 10 टीमों की कप्तानी भारतीय खिलाड़ियों के हाथ में है। यह बदलाव न केवल भारतीय क्रिकेट की गहराई को दर्शाता है, बल्कि घरेलू प्रतिभा के बढ़ते प्रभाव का भी संकेत है।

IPL के 19 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा जब सभी 10 टीमों के कप्तान भारतीय होंगे। सनराइजर्स हैदराबाद के नियमित कप्तान पैट कमिंस के शुरुआती मैचों से बाहर होने के बाद फ्रेंचाइजी ने उनकी जगह ईशान किशन को कप्तानी सौंपी है।

इसके साथ ही टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में सभी टीमों की कमान भारतीय खिलाड़ियों के हाथ में होगी। पिछले सीजन में भी हैदराबाद के पैट कमिंस को छोड़कर बाकी सभी टीमों के कप्तान भारतीय ही थे।

इस सीजन में रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या, संजू सैमसन, शुभमन गिल और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ी अलग-अलग टीमों की कमान संभालते नजर आएंगे।

पहले IPL में कई फ्रेंचाइजी विदेशी कप्तानों पर निर्भर रहती थीं, लेकिन अब भारतीय खिलाड़ियों ने नेतृत्व क्षमता में भी खुद को साबित कर दिया है। यह बदलाव भारतीय क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, खासकर भविष्य के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स को ध्यान में रखते हुए।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे टीम इंडिया को भी फायदा मिलेगा, क्योंकि अलग-अलग परिस्थितियों में कप्तानी करने वाले खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर निर्णय लेने में सक्षम होंगे।

कुल मिलाकर, IPL का यह सीजन केवल क्रिकेट ही नहीं, बल्कि भारतीय नेतृत्व क्षमता का भी प्रदर्शन बन गया है—जहां हर टीम की कमान अब घरेलू सितारों के हाथ में है।