नई दिल्ली, पाकिस्तान के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज़ मोहम्मद रिजवान बिग बैश लीग (BBL) के एक मुकाबले में उस वक्त सुर्खियों में आ गए, जब वह रिटायर्ड आउट होकर पवेलियन लौटे। टी20 क्रिकेट में आमतौर पर चोट या रणनीतिक कारणों से ही ऐसा कदम देखा जाता है, लेकिन रिजवान का यह फैसला मैच के बीचों-बीच लिया गया, जिसने क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों के बीच नई बहस छेड़ दी है।
पाकिस्तान वनडे टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद रिजवान को बिग बैश लीग में रिटायर्ड आउट कर दिया गया। सोमवार को मेलबर्न रेनेगेड्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 23 गेंद पर 26 रन बनाए थे। तभी टीम के कप्तान विल सदरलैंड ने उन्हें मैदान से वापस बुला लिया और खुद बैटिंग के लिए चल दिए।
रिजवान BBL में रिटायर्ड आउट होने वाले पहले विदेशी प्लेयर भी बने। रिजवान को पवेलियन बुलाने के बाद मेलबर्न ने आखिरी 2 ओवर में 16 रन बनाए और सिडनी थंडर को 170 रन का टारगेट दिया। इसके बावजूद टीम को 4 विकेट से हार मिल गई।
9 ओवर में 26 रन ही बना सके रिजवान सिडनी में टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी रेनेगेड्स ने 9 ओवर में 83 रन बना लिए थे। अगले ओवर में जैक फ्रेजर-मैगर्क आउट हो गए। उनके बाद मोहम्मद रिजवान बैटिंग करने उतरे, लेकिन रिजवान के सामने 2 विकेट और गिर गए।
रिजवान ने फिर हसन खान के साथ पार्टनरशिप की, लेकिन टीम के 18 ओवर तक वे 26 रन ही बना सके। इस दौरान टीम स्कोर 154 तक ही पहुंच सका। इन 9 ओवरों में रिजवान ने 23 गेंदें खेलीं। वहीं टीम 54 गेंद पर 71 रन ही बना सकी।
क्रिकेट जानकारों का मानना है कि यह फैसला आधुनिक टी20 क्रिकेट की बदलती सोच को दर्शाता है। अब व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ज्यादा टीम की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि कुछ पूर्व खिलाड़ियों और फैंस ने इस कदम को लेकर सवाल भी उठाए और कहा कि सेट बल्लेबाज़ का इस तरह आउट होना टीम पर दबाव भी डाल सकता है। बावजूद इसके, कई विशेषज्ञों ने रिजवान की टीम-फर्स्ट मानसिकता की सराहना की।
मोहम्मद रिजवान पहले भी अपने अनुशासन, फिटनेस और प्रोफेशनल अप्रोच के लिए जाने जाते रहे हैं। बिग बैश लीग में उनका रिटायर्ड आउट होना यह दिखाता है कि टी20 क्रिकेट अब केवल कौशल का नहीं, बल्कि रणनीति और त्वरित फैसलों का खेल बन चुका है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अन्य खिलाड़ी भी ऐसे साहसिक फैसलों को अपनाते हैं या यह मामला एक अपवाद बनकर रह जाता है।
















