दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) एक बार फिर रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के लिए कामकाज के लिए एडहॉक कमेटी गठित कर सकता है।
कोर्ट शुक्रवार को रेसलर बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें WFI के कामकाज पर रोक लगाने और खेल के लिए नेशनल महासंघ के रूप में कोई भी गतिविधि करने से रोकने की मांग की गई थी। जस्टिस सचिन दत्ता ने इस मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि IOA एडहॉक कमेटी का पुनर्गठन कर सकता है।
भारत के टॉप रेसलर ने पिछले साल जंतर-मंतर पर WFI के पूर्व प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह पर सात महिला पहलवानों पर कथित यौन उत्पीड़न के आरोप पर गिरफ्तारी की मांग की थी। इस साल के शुरू में इन पहलवानों ने दिसंबर में महासंघ के पदाधिकारियों के चुनाव को रद्द करने और अवैध घोषित करने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया था।
क्या है पूरा मामला?
पेरिस ओलिंपिक गेम्स से पहले मार्च में IOA ने इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी के दबाव में अपनी एडहॉक कमेटी भंग कर दी थी। इससे पहले फरवरी में यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग से निलंबन हटने के बाद WFI ने UWW से शिकायत की थी कि IOA की एडहॉक कमेटी उसे काम नहीं करने दे रही है। ऐसे में UWW के कहने पर IOC ने IOA को तत्काल प्रभाव से एडहॉक कमेटी भंग करने के निर्देश दिए थे। कुछ पॉइंट्स में जानिए कब-क्या हुआ…
- 9 फरवरी को 2024 को UWW ने WFI से निलंबन हटाया। इसके बाद WFI ने IOA की शिकायत की।
- जनवरी 2024 में IOA ने एहहॉक कमेटी का गठन किया। यह कमेटी WFI का कामकाज देख रही थी।
- 28 दिसंबर से WFI ने निलंबन के बाद भी UP के गोंडा में जूनियर नेशनल चैंपियनशिप टूर्नामेंट करने का ऐलान किया।
- 24 दिसंबर 2023 को केंद्र सरकार ने WFI को निलंबित कर दिया था। IOA से एक एडहॉक कमेटी गठित करने को कहा था।
- 21 दिसंबर 2023 को बृजभूषण के वफादार संजय सिंह को चुनावों में WFI का नया प्रमुख चुना गया था।
संजय सिंह चुने गए थे नए प्रेसिडेंट
बृजभूषण के वफादार संजय सिंह को 21 दिसंबर 2023 को हुए चुनावों में WFI का नया प्रमुख चुना गया था। केंद्र ने चुनाव के 3 दिन बाद WFI को कथित तौर पर फैसले लेते समय अपने खुद के संविधान के प्रावधानों का पालन नहीं करने के लिए 24 दिसंबर 2023 को निलंबित कर दिया था। IOA से इसका कामकाज देखने के लिए एक एडहॉक कमेटी गठित करने को कहा था।इससे पहले, UWW ने भारतीय महासंघ को अगस्त 2023 में समय पर चुनाव न होने के कारण बैन किया था।


















