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नई दिल्ली, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी युवराज सिंह और रॉबिन उथप्पा को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नोटिस भेजा है। इन दोनों खिलाड़ियों से ऑनलाइन बेटिंग एप 1xBet के प्रमोशन मामले में पूछताछ की जाएगी। इसी मामले में आज बॉलीवुड अभिनेत्री उर्वशी रौतेला को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

रॉबिन उथप्पा को 22 और युवराज को 23 सितंबर को दिल्ली स्थित ED हेडक्वार्टर में अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद को भी 24 सितंबर को पेश होने का समन भेजा गया है। इन सबसे मनी लॉन्ड्रिंग के नजरिए से भी पूछताछ की जाएगी।

इसके अलावा सोमवार को इसी मामले में पूर्व टीएमसी सांसद और एक्टर मिमी चक्रवर्ती का बयान भी दर्ज किया है। ED इस केस में शिखर धवन, सुरेश रैना और हरभजन सिंह से पहले ही पूछताछ कर चुकी है।

करोड़ों की ठगी और टैक्स चोरी की जांच यह जांच अवैध बेटिंग एप्स से जुड़ी है। कंपनी पर आरोप है कि उसने लोगों और निवेशकों से करोड़ों रुपए की ठगी की है या बड़े पैमाने पर टैक्स की चोरी की है।

कंपनी का दावा है कि 1xBet एक वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त बुकी है, जो पिछले 18 सालों से बेटिंग इंडस्ट्री में है। इसके ग्राहक हजारों खेल आयोजनों पर दांव लगा सकते हैं। कंपनी की वेबसाइट और एप 70 भाषाओं में उपलब्ध हैं। 1xBet चांस बेस्ड गेम्स एप है।

सरकार ने बेटिंग एप पर बैन लगाया फैंटेसी स्पोर्ट्स जैसे ड्रीम-11, रमी, पोकर वगैरह सब ऑनलाइन बेटिंग एप बैन हो गए हैं। यह फैसला भारत सरकार के हाल ही में पास किए गए ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के बाद लिया गया है। इस बिल के तहत ऑनलाइन बेटिंग एप पर पूरी तरह पाबंदी है।

2017 में सुप्रीम कोर्ट ने ड्रीम-11 जैसे फैंटेसी खेलों को स्किल्स का खेल बताया था। हालांकि बेटिंग एप कभी भी भारत में लीगल नहीं थे।

ऑनलाइन बेटिंग एप से आर्थिक नुकसान हो रहा सरकार का कहना है कि ऑनलाइन बेटिंग एप की वजह से लोगों को मानसिक और आर्थिक नुकसान हो रहा है। कुछ लोग गेमिंग की लत में इतना डूब गए कि अपनी जिंदगी की बचत तक हार गए और कुछ मामलों में तो आत्महत्या की खबरें भी सामने आईं।

इसके अलावा मनी लॉन्ड्रिंग और नेशनल सिक्योरिटी को लेकर भी चिंताएं हैं। सरकार इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाना चाहती है।

मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद के मानसून सत्र में कहा था, “ऑनलाइन मनी गेम्स से समाज में एक बड़ी समस्या पैदा हो रही है। इनसे नशा बढ़ रहा है, परिवारों की बचत खत्म हो रही है।

अनुमान है कि करीब 45 करोड़ लोग इससे प्रभावित हैं और मिडिल-क्लास परिवारों के 20,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।” उन्होंने यह भी बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे गेमिंग डिसऑर्डर के रूप में मान्यता दी है।