नई दिल्ली, टी-20 विश्व कप के इतिहास में भारतीय टीम ने कई यादगार जीत दर्ज की हैं, लेकिन कुछ मुकाबले ऐसे भी रहे हैं जिन्होंने गहरा झटका दिया। India national cricket team की टी-20 वर्ल्डकप में सबसे बड़ी हार रन के अंतर से 2021 में दर्ज हुई, जब दुबई में खेले गए मुकाबले में New Zealand national cricket team ने भारत को 8 विकेट से हराया।
हालांकि अगर विकेट के अंतर की बात करें तो 2021 में ही Pakistan national cricket team के खिलाफ 10 विकेट से मिली हार भी सबसे बड़ी हारों में गिनी जाती है। यह मुकाबला ICC Men’s T20 World Cup के ग्रुप चरण में हुआ था, जहां पाकिस्तान ने बिना कोई विकेट गंवाए लक्ष्य हासिल कर इतिहास रच दिया।
वर्ल्ड चैंपियन टीम इंडिया को टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे बड़ी हार झेलनी पड़ी है। रविवार को उसे साउथ अफ्रीका ने तीसरे सुपर-8 मैच में 76 रन के अंतर से हराया है। इसी के साथ टूर्नामेंट में भारत की जीत का सिलसिल भी थम गया है। इससे पहले इंडिया ने लगातार 12 मैच जीते थे।
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में अफ्रीकी टीम ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी। टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 187 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम 18.5 ओवर में 111 रन पर ऑलआउट हो गई। मार्को यानसन ने 4 विकेट झटके। केशव महाराज ने 3 विकेट लिए। कॉर्बिन बॉश को 2 और ऐडन मार्करम को एक विकेट मिला। शिवम दुबे ने सबसे ज्यादा 42 रन बनाए।
इससे पहले साउथ अफ्रीका की ओर से डेविड मिलर ने 35 बॉल पर 63 रन बनाए। जबकि डेवाल्ड ब्रेविस ने 45 रन बनाए। ट्रिस्टन स्टब्स ने 24 बॉल पर नाबाद 44 रन बनाए। जसप्रीत बुमराह ने 3 विकेट झटके। अर्शदीप सिंह ने 2 विकेट लिए।
असर और सीख
इन हारों के बाद टीम इंडिया ने अपने संयोजन में बदलाव किए, युवा खिलाड़ियों को मौका दिया और आक्रामक बल्लेबाजी दृष्टिकोण अपनाया। 2022 और उसके बाद के अभियानों में भारत ने संतुलित टीम संयोजन के साथ बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश की।
टी-20 वर्ल्डकप जैसे बड़े मंच पर एक हार पूरे टूर्नामेंट की दिशा बदल सकती है। लेकिन भारतीय टीम ने हर बड़ी हार से सीख लेकर वापसी भी की है, जो उसकी मजबूती को दर्शाता है।
















