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नई दिल्ली, बांग्लादेश की राजधानी ढाका में भारतीय तीरंदाजों का दल करीब 10 घंटे तक फंसा रहा, जिससे खिलाड़ियों की यात्रा योजनाएँ, प्रैक्टिस शेड्यूल और मानसिक तैयारी पर गंभीर असर पड़ा। यह घटना तब हुई जब टीम एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए आगे की उड़ान पकड़ने वाली थी, लेकिन एयरलाइन की तकनीकी दिक्कतों के कारण फ्लाइट को अनिश्चित समय तक रोक दिया गया।

एशियन आर्चरी चैंपियनशिप से लौट रही भारतीय तीरंदाजी टीम के 11 सदस्य सोमवार रात करीब 10 घंटे तक ढाका में फंसे रहे। इनमें 2 नाबालिग भी थे। उनकी फ्लाइट बार-बार लेट होती रही, जिसे आखिरकार रद्द कर दिया। इस दौरान उन्हें बिना सुरक्षा के ढाका की हिंसा प्रभावित सड़कों से एक लोकल बस में ले जाया गया। फिर एक बेहद खराब धर्मशाला में ठहराया गया।

अभिषेक वर्मा ने PTI को बताया कि वे शनिवार को रात 9.30 बजे दिल्ली के लिए उड़ान पकड़ने ढाका एयरपोर्ट पहुंचे थे। 15 नवंबर की रात 10:05 उनकी फ्लाइट की। विमान में बैठने के बाद बताया गया कि तकनीकी खराबी के कारण फ्लाइट उड़ान नहीं भर सकती।

अभिषेक ने बताया- ‘एयरलाइंस ने कोई मदद नहीं की। जिस धर्मशाला में हमें ठहराया गया, वहां छह बिस्तरों वाला एक कमरा था और केवल एक गंदा टॉयलेट था, जिसमें नहाना भी मुश्किल था।’ उनके साथ सीनियर खिलाड़ी ज्योति सुरेखा और ओलिंपियन धीरज बोम्मादेवरा भी थे।’

शेख हसीना पर फैसला आने वाला था, सड़कों पर हिंसा हो रही थी यह वह समय था जब ढाका में सड़कों पर हिंसा देखी गई थी। रविवार 16 नवंबर को ढाका में माहौल तनावपूर्ण था। क्योंकि, PM पद से हटाई गई शेख हसीना के खिलाफ स्पेशल ट्रिब्यूनल के फैसले का इंतजार हाे रहा था। सोमवार 17 नवंबर को ट्रिब्यूनल ने शेख हसीना को फांसी की सजा सुना दी।