नई दिल्ली , भारतीय क्रिकेट ने इतिहास रच दिया है। टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को हराकर 77 साल पुराने क्रिकेट रिकॉर्ड का हिसाब चुकता किया। यह जीत न केवल टीम के लिए बल्कि पूरे देश के क्रिकेट प्रेमियों के लिए गर्व का क्षण है।
भारत ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में वेस्टइंडीज को पारी और 140 रन से हरा दिया है। यह मुकाबला तीसरे दिन टी-ब्रेक से पहले ही खत्म हो गया। एक टेस्ट मैच में 450 ओवर का खेल मुमकिन होता है, लेकिन अहमदाबाद में खेला गया पहला टेस्ट 217.2 ओवर में ही समाप्त हो गया।
वेस्टइंडीज की दूसरी पारी शनिवार को 45.1 ओवर में महज 146 रन के स्कोर पर सिमट गई। रवींद्र जडेजा ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। मोहम्मद सिराज ने 3 और कुलदीप यादव ने 2 विकेट झटके। एक विकेट वॉशिंगटन सुंदर को मिला।
इससे पहले भारत ने अपनी पहली पारी 448/5 के स्कोर पर घोषित कर दी। यानी भारतीय टीम ने मैच के तीसरे दिन बिल्कुल बैटिंग नहीं की। वेस्टइंडीज को पारी की हार से बचने के लिए 287 रनों की जरूरत थी। उसकी पहली पारी 162 रन पर ऑलआउट हुई थी।
77 साल में पहली बार घर में वेस्टइंडीज से जीत-हार बराबर यह सीरीज शुरू होने से पहले वेस्टइंडीज दुनिया की इकलौती टीम थी जिसके खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में भारत को अपने ही देश में जीत कम और हार ज्यादा मिली थी। अब जीत और हार के नंबर बराबर हो गए हैं। अगर भारतीय टीम दिल्ली में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले दूसरे टेस्ट मैच में भी जीत हासिल कर लेती है तो टेस्ट खेलने वाली सभी टीमों के खिलाफ उसका घरेलू रिकॉर्ड पॉजिटिव हो जाएगा।
वेस्टइंडीज की टीम 1948 में पहली बार भारत के दौरे पर आई थी। तब से वह भारतीय जमीन पर जीत के मामले में भारतीय टीम से आगे रही थी।
















