नई दिल्ली, एएफसी क्वालिफायर के महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय फुटबॉल टीम को 0-1 की हार का सामना करना पड़ा। मैच शुरुआत से ही रोमांचक रहा, लेकिन भारतीय टीम अपनी रणनीति को गोल में बदलने में नाकाम रही। पहले हाफ में भारत ने गेंद पर अच्छा नियंत्रण दिखाया और कई बार विपक्षी गोलपोस्ट के पास पहुंचकर मौके बनाए, लेकिन फिनिशिंग की कमी टीम के लिए बड़ी चुनौती साबित हुई।
AFC एशियन कप सऊदी अरब 2027 क्वालिफायर ग्रुप-C के मैच में भारत को मंगलवार को ढाका के नेशनल स्टेडियम में बांग्लादेश ने 0-1 से हरा दिया। मैच का एकमात्र गोल बांग्लादेश के शेख मोर्सालिन ने किया। भारत ने दूसरे हाफ में कई मौके बनाए, लेकिन बराबरी नहीं कर पाया।
बांग्लादेश की यह भारत के खिलाफ 2003 के SAFF चैंपियनशिप (ढाका) के बाद पहली जीत है।
पहले हाफ में एक गोल पहले हाफ में एकमात्र गोल बांग्लादेश की ओर से किया गया। मैच के 12वें मिनट में बांग्लादेश ने काउंटर अटैक पर गोल दाग दिया। रकीब हुसैन के क्रॉस पर शेख मोरसलिन ने आसानी से गेंद को गोलकीपर गुरप्रीत संधू को चकमा देकर नेट में डाल दिया और टीम को बढ़त दिलाई। हालांकि उसके बाद भारत ने दबाव बनाया। 17वें मिनट में सुरेश सिंह का शॉट बाहर चला गया। इसके बाद निक्सन और चांगते के प्रयासों को बांग्लादेश डिफेंस ने रोक दिया।
भारत को सबसे बड़ा मौका 30वें मिनट मेंरहीम अली ने बांग्लादेश के गोलकीपर से गेंद छीनकर छांगते को पास दिया। उस समय गोल पोस्ट खाली था और छांगते के पास गोल करने का अच्छा मौका था, लेकिन बांग्लादेश के हमजा चौधरी ने सिर लगाकर शॉट को रोककर गोल बचा लिया। दूसरे हाफ में कोई गोल नहीं दूसरे हाफ में भारत और अधिक आक्रामक था। महेश सिंह नाओरेम के आने से विंग पर रफ्तार बढ़ी। बेखे के हेडर और रहीम की मौजूदगी के बावजूद बांग्लादेश डिफेंस ने उन्हें फिनिश नहीं करने दिया। कोच और टीम मैनेजमेंट अब अगले मैच के लिए रणनीति में बदलाव पर विचार कर सकते हैं। यह हार भारत के क्वालिफिकेशन अभियान के लिए झटका जरूर है, लेकिन अभी भी आगे अवसर बचे हुए हैं। टीम को अब अपनी कमजोरियों—खासतौर पर फिनिशिंग और गति—पर काम कर अगले मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

















