नई दिल्ली । भारत-पाकिस्तान क्रिकेट की प्रतिद्वंद्विता हमेशा से ही खास रही है। जब भी दोनों टीमें आमने-सामने होती हैं, माहौल बिजली की तरह गूंज उठता है। हालांकि हालात यह बताते हैं कि पिछले 18 वर्षों से भारत किसी भी बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में पाकिस्तान को हराने में नाकाम रहा है। यह आंकड़ा क्रिकेट प्रेमियों के लिए चिंता और उत्सुकता दोनों का विषय है।
आखिरी बार भारत ने पाकिस्तान को किसी बड़े फाइनल में हराया था 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में। उसके बाद से दोनों टीमें फाइनल में कई बार भिड़ीं, लेकिन भारत को हर बार झुकना पड़ा। 2017 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल सबसे बड़ा उदाहरण है, जहां पाकिस्तान ने भारत को करारी शिकस्त दी थी। इस हार ने भारतीय क्रिकेट के रणनीतिक ढांचे पर कई सवाल खड़े किए थे।
भारतीय टीम के पास हमेशा विश्वस्तरीय खिलाड़ी रहे हैं—विराट कोहली, रोहित शर्मा, एमएस धोनी जैसे दिग्गज—लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में दबाव संभालने में कमी दिखती रही। दूसरी ओर पाकिस्तान फाइनल जैसे बड़े मौकों पर अपने खिलाड़ियों से अप्रत्याशित प्रदर्शन करवा लेता है। चाहे फखर जमान की शतक वाली पारी हो या मोहम्मद आमिर की घातक गेंदबाजी, पाकिस्तान ने अक्सर फाइनल में भारत को चौंकाया है।
अब जब एशिया कप का फाइनल नजदीक है, यह सवाल फिर उठता है कि क्या भारत 18 साल का सूखा खत्म कर पाएगा? टीम इंडिया के पास इस बार युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा संतुलन है। जसप्रीत बुमराह की धारदार गेंदबाजी, शुभमन गिल की निरंतरता और विराट कोहली का अनुभव भारत को जीत की ओर ले जा सकते हैं। लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल जीतने के लिए केवल कौशल ही नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती और रणनीतिक अनुशासन की भी ज़रूरत होगी।
वनडे में 11 फाइनल हुए, 8 पाकिस्तान जीता भारत और पाकिस्तान के बीच पहली बार किसी भी टूर्नामेंट का फाइनल 1985 में हुआ था। यह खिताबी मुकाबला वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ क्रिकेट का था। इसे भारत ने 8 विकेट से जीता था। इसे मिलाकर दोनों टीमों ने वनडे फॉर्मेट के अलग-अलग टूर्नामेंट में 11 फाइनल खेले, 8 में पाकिस्तान और महज 3 में भारत को जीत मिली।
टी-20 फॉर्मेट में दूसरी बार फाइनल में भिड़ेंगे मौजूदा एशिया कप टी-20 फॉर्मेट में खेला जा रहा है। इस फॉर्मेट में दोनों टीमें दूसरी बार ही एक-दूसरे के खिलाफ खिताबी मुकाबला खेलेंगी। इकलौती बार दोनों टीमें 2007 के टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में भिड़ीं थीं। तब एमएस धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने 5 रन से खिताबी मुकाबला जीतकर पहले वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम की थी।
क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि इस बार इतिहास बदलेगा और भारत लंबे इंतजार को खत्म करते हुए पाकिस्तान को फाइनल में हराकर नई कहानी लिखेगा।

















