नई दिल्ली, भारतीय तेज़ गेंदबाज़ हर्षित राणा पर ICC द्वारा की गई कार्रवाई हाल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अनुशासन को लेकर एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है। यह फैसला बताता है कि मैदान पर भावनाओं का ओवरफ्लो चाहे कितना भी स्वाभाविक क्यों न हो, लेकिन खेल की मर्यादा और आचार संहिता का पालन अनिवार्य है।
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच रांची में खेले गए पहले वनडे में भारतीय तेज गेंदबाज हर्षित राणा पर ICC ने कार्रवाई करते हुए एक डिमेरिट पॉइंट दिया है। राणा पर यह कार्रवाई 30 नवंबर को हुए मैच में डेवाल्ड ब्रेविस को आउट करने के बाद ड्रेसिंग रूम की दिशा में इशारा करने के कारण की गई।
ICC ने इसे आचार संहिता के आर्टिकल 2.5 का उल्लंघन माना है और राणा को लेवल-1 का दोषी करार दिया है। यह आर्टिकल खिलाड़ियों या अधिकारियों की ओर अनुचित भाषा या इशारा किए जाने से संबंधित है। लेवल-1 उल्लंघन में चेतावनी, अधिकतम 50% मैच फीस की कटौती और 1–2 डिमेरिट पॉइंट तक की सजा शामिल होती है।
कार्रवाई क्यों हुई
रांची में रविवार को खेले गए पहले वनडे में, मैच के 22वें ओवर में हर्षित राणा ने ब्रेविस को ऋतुराज गायकवाड़ के हाथों डीप प्वॉइंट पर कैच करवाया। आउट होने के बाद राणा ने ब्रेविस की ओर इशारा किया, जिसे मैच अधिकारियों ने आक्रामक और अनुचित जेस्चर माना और इसी आधार पर उन पर कार्रवाई की गई।
ICC की यह कार्रवाई हर्षित राणा के अंतरराष्ट्रीय करियर में एक शुरुआती चेतावनी है। इसे नकारात्मक घटना के बजाय एक सीख के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।
राणा की प्रतिभा में कोई संदेह नहीं है—वे भारत के लिए लंबे समय तक मैच जिताने वाले गेंदबाज़ बन सकते हैं, बशर्ते उनका आक्रामक स्वभाव संतुलित अनुशासन में बंधा रहे।

















