नई दिल्ली, भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर विमेंस वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। यह उपलब्धि न केवल टीम इंडिया के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। मेजबान भारत ने लीग चरण में लगातार दमदार प्रदर्शन करते हुए अंकतालिका में शीर्ष स्थानों में जगह बनाई और सेमीफाइनल में प्रवेश सुनिश्चित किया।
मेजबान भारत ने विमेंस वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। टीम ने गुरुवार को राउंड रॉबिन मैच में न्यूजीलैंड को 53 रन (DLS) से हराया। इसी के साथ इंडिया विमेंस नॉकआउट राउंड में पहुंचने वाली चौथी और आखिरी टीम बन गई। वहीं न्यूजीलैंड और श्रीलंका बाहर हो गई।
नवी मुंबई के डीवाय पाटिल स्टेडियम में न्यूजीलैंड ने बॉलिंग चुनी। भारत ने 49 ओवर में 3 विकेट खोकर 340 रन बनाए। बारिश के कारण एक ओवर कम हुआ। यह टीम का बेस्ट वर्ल्ड कप स्कोर रहा। स्मृति मंधाना ने 109, प्रतिका रावल ने 122 और जेमिमा रोड्रिग्ज ने 76 रन बनाए।
DLS मेथड से न्यूजीलैंड को 44 ओवर में 325 रन का टारगेट मिला। टीम ने 59 रन पर 3 विकेट गंवा दिए। अमीलिया केर ने 45 रन बनाकर टीम को संभाला, लेकिन 154 पर टीम के 5 विकेट गिर गए। ब्रूक हालिडे ने आखिर में न्यूजीलैंड को जीत दिलाने की कोशिश की, लेकिन वे असफल रहीं। उन्होंने 81 और इजाबेल गेज ने 65 रन बनाए। टीम 8 विकेट खोकर 271 रन ही बना सकी।
गेंदबाजी में भारत से क्रांति गौड़ और रेणुका ठाकुर ने 2-2 विकेट लिए। स्नेह राणा, श्री चरणी, दीप्ति शर्मा और प्रतिका रावल को 1-1 विकेट मिला। न्यूजीलैंड के लिए अमीलिया केर, रोजमेरी मेयर और सूजी बेट्स ने 1-1 विकेट लिया। भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका ने भी सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है।
प्लेइंग-XI भारत- स्मृति मंधाना, प्रतिका रावल, हरलीन देओल, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), जेमिमा रॉड्रिग्ज, ऋचा घोष (विकेटकीपर), स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, रेणुका सिंह, क्रांति गौड़, श्री चरणी।
न्यूजीलैंड- सूजी बेट्स, जॉर्जिया प्लिमर, अमीलिया केर, सोफी डिवाइन (कप्तान), ब्रूक हॉलिडे, मैडी ग्रीन, इजाबेला गेज (विकेटकीपर), जेस केर, रोजमेरी मेयर, ईडन कार्सन, ली ताहुहू।
मेजबान होने के नाते भारत पर दबाव जरूर था, लेकिन खिलाड़ियों ने उसे अपने प्रदर्शन में बदल दिया। घरेलू दर्शकों के जोश और समर्थन ने टीम के आत्मविश्वास को और ऊंचा किया। अब पूरा देश उम्मीद कर रहा है कि यह गति बरकरार रहे और टीम इंडिया पहली बार विमेंस वर्ल्ड कप ट्रॉफी को अपने नाम करे।
यह उपलब्धि केवल एक खेल नहीं, बल्कि भारतीय महिला सशक्तिकरण की मिसाल है। मैदान पर हर रन, हर विकेट, और हर जीत इस बात का प्रमाण है कि भारतीय महिलाएँ अब विश्व मंच पर आत्मविश्वास और कौशल से भरी हुई हैं।

















