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नई दिल्ली, भारतीय घरेलू क्रिकेट में बड़ा इतिहास बन गया है। जम्मू-कश्मीर की टीम पहली बार रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। यह उपलब्धि न सिर्फ टीम के लिए, बल्कि पूरे केंद्रशासित प्रदेश के क्रिकेट ढांचे के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है।

क्वार्टरफाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने दमदार प्रदर्शन करते हुए मजबूत प्रतिद्वंद्वी को पछाड़ा। टीम की गेंदबाजी ने पहली पारी में बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई, जबकि बल्लेबाजों ने दबाव की स्थिति में संयम दिखाया। एक शीर्ष क्रम के बल्लेबाज ने 100+ रन की शतकीय पारी खेलकर मैच की दिशा बदल दी, वहीं तेज गेंदबाजों ने दूसरी पारी में निर्णायक विकेट चटकाए।

रणजी ट्रॉफी 2025-26 के तीन क्वार्टर फाइनल मुकाबलों के रिजल्ट आ चुके हैं। जम्मू कश्मीर ने इतिहास रचते हुए मध्य प्रदेश को हराकर पहली बार इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। वहीं, कर्नाटक की टीम ने मुंबई को हराकर सेमीफाइनल में एंट्री की है। टीम इंडिया के स्टार ओपनर केएल राहुल ने बेहतरीन शतक जड़ा और प्लेयर ऑफ द मैच भी बने।

जम्मू-कश्मीर की टीम ने इतिहास रचते हुए क्वार्टर फाइनल में मध्य प्रदेश को 56 रन से हराया। पहली बार जम्मू-कश्मीर की टीम ने रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस मैच में आकिब नबी ने पहली पारी में 7 और दूसरी पारी में 5 विकेट लेकर कुल 12 विकेट मैच में झटके। इस खिलाड़ी को प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।

इंदौर के होलकर स्टेडियम में पहले बैटिंग करते हुए जम्मू-कश्मीर 194 रन पर ऑलआउट हो गया। शुभम खजुरिया ने 60 और युद्धवीर सिंह चरक ने 41 रन बनाए। कुलदीप सेन ने 5 विकेट लिए। मध्य प्रदेश अपनी पहली पारी में 152 रन पर ही सिमट गया। यश दुबे ने फिफ्टी लगाई। जम्मू-कश्मीर के लिए आकिब नबी ने 40 रन देकर 7 विकेट लिए। सुनील कुमार को 3 विकेट मिले।

रणजी ट्रॉफी, जो 1934 से खेली जा रही है, भारत का सबसे प्रतिष्ठित प्रथम श्रेणी क्रिकेट टूर्नामेंट है। ऐसे में सेमीफाइनल तक पहुंचना किसी भी टीम के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है। जम्मू-कश्मीर की टीम ने इस सीजन में लगातार 4–5 मैचों में प्रभावशाली प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी मजबूत की थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में स्थानीय प्रतिभाओं को मिले बेहतर प्रशिक्षण और संरचना ने इस सफलता की नींव रखी है। अब सेमीफाइनल में टीम का सामना एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी से होगा, जहां जीत उन्हें पहली बार फाइनल तक पहुंचा सकती है।

यह उपलब्धि क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन सकती है और जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट के विकास को नई गति दे सकती है।