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नई दिल्ली, खेल की दुनिया में कुछ पल ऐसे होते हैं जो सिर्फ जीत नहीं, इतिहास बन जाते हैं। ऐसा ही रोमांचक क्षण देखने को मिला जब मैच के आखिरी ओवर में खिलाड़ी ने तीसरा लगातार छक्का जड़ा और उसी शॉट के साथ रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। स्टेडियम में मौजूद दर्शक, टीवी पर देख रहे फैंस और कमेंट्री बॉक्स—हर जगह सिर्फ एक ही चीज़ थी: सनसनी और उत्साह।

मैच का स्कोर बराबरी पर था, तनाव चरम पर था और गेंदबाज़ के खिलाफ दबाव बढ़ता जा रहा था। लेकिन बल्लेबाज़ ने न सिर्फ हिम्मत दिखाई, बल्कि ऐसी हिट लगाई जिसने मैच, सीरीज़ और आंकड़ों की दिशा ही बदल दी। तीन गेंदों पर लगातार तीन छक्के, और तीसरे छक्के पर जीत—यह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं था।

सूरत के सीके पीठावाला स्टेडियम में रणजी ट्रॉफी मैच के दौरान इतिहास रच दिया गया। मेघालय की ओर से खेलते हुए 25 वर्षीय आकाश चौधरी ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 11 गेंदों पर नाबाद 50 रन बनाए और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक बनाने वाले खिलाड़ी बन गए।

तेज गेंदबाज रहे आकाश ने 8वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 8 बॉल पर लगातार 8 सिक्स लगा दिए। आकाश चौधरी की इस उपलब्धि पर दैनिक भास्कर ने उनसे बातचीत की। आकाश ने इस मुकाम तक पहुंचने के संघर्ष के बारे में बताया।

मैं आमतौर पर तेज गेंदबाज हूं- आकाश एक साधारण परिवार से होने के बावजूद आकाश ने अपने सपने को जिंदा रखा। उन्होंने कहा, मेहनत तो पहले से ही चल रही थी, लेकिन यह नहीं सोचा था कि अचानक से मैं रिकॉर्ड बना लूंगा। क्योंकि मैं आमतौर पर तेज गेंदबाज हूं। मुझे बल्लेबाजी का ज्यादा मौका नहीं मिलता। इस मैच में मुझे बल्लेबाजी का अच्छा मौका मिला। ओवर भी कम थे। इसे महादेव की कृपा ही कह सकते हैं कि उस समय मेरी बल्लेबाजी टीम के लिए काम आई।

तीसरा सिक्स लगाने के बाद, 6 सिक्स लगाने का फैसला किया उस समय हमारी टीम बहुत अच्छी स्थिति में थी। इसलिए हमारा प्लान जल्द से जल्द टीम के लिए रन बनाने का था। मेरा इरादा कम गेंदों में ज्यादा से ज्यादा रन बनाने का था। पहले दो छक्के लग गए। इसके बाद मैने तीसरे सिक्स जमाया, तो मेरे मन में आया कि अब मुझे छह छक्के लगाने की कोशिश करना चाहिए। हालांकि, सातवें और आठवें सिक्स के बारे में मैने नहीं सोचा था।