नई दिल्ली, गुवाहाटी में खेले जा रहे टेस्ट मैच ने भारतीय टीम को एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर ला खड़ा किया है। सीरीज़ पहले ही विपक्ष के पक्ष में झुक चुकी है और अब आखिरी टेस्ट में भारत पर क्लीन स्वीप का खतरा मंडरा रहा है। टीम के सामने अब केवल दो ही विकल्प हैं—या तो जीतकर सीरीज़ का सम्मान बचाना, या फिर सीरीज़ को 3-0 से गंवाकर घरेलू रिकॉर्ड पर एक और गहरा निशान लगने देना।
गुवाहाटी में खेले जा रहे टेस्ट मैच ने भारतीय टीम को एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर ला खड़ा किया है। सीरीज़ पहले ही विपक्ष के पक्ष में झुक चुकी है और अब आखिरी टेस्ट में भारत पर क्लीन स्वीप का खतरा मंडरा रहा है। टीम के सामने अब केवल दो ही विकल्प हैं—या तो जीतकर सीरीज़ का सम्मान बचाना, या फिर सीरीज़ को 3-0 से गंवाकर घरेलू रिकॉर्ड पर एक और गहरा निशान लगने देना।
गुवाहाटी टेस्ट भारत के लिए सिर्फ एक मैच नहीं—सम्मान की लड़ाई है। क्लीन स्वीप से बचने के लिए टीम को सामूहिक प्रदर्शन करना होगा। अगर भारत यह मैच जीत लेता है, तो यह सीरीज़ फेल होने के बावजूद टीम के भविष्य के लिए एक मजबूत संदेश होगा। लेकिन हार की स्थिति में आलोचना और ज्यादा तीखी होने वाली है।

















