गुवाहाटी , गुवाहाटी में खेले जा रहे टेस्ट मैच ने भारतीय टीम को एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर ला खड़ा किया है। सीरीज़ पहले ही विपक्ष के पक्ष में झुक चुकी है और अब आखिरी टेस्ट में भारत पर क्लीन स्वीप का खतरा मंडरा रहा है। टीम के सामने अब केवल दो ही विकल्प हैं—या तो जीतकर सीरीज़ का सम्मान बचाना, या फिर सीरीज़ को 3-0 से गंवाकर घरेलू रिकॉर्ड पर एक और गहरा निशान लगने देना।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ गुवाहाटी टेस्ट में भारतीय टीम पर हार और क्लीन स्वीप का खतरा मंडरा रहा है। जीत के लिए 549 रन के असंभव से टारगेट के जवाब में भारत ने चौथे दिन स्टंप्स तक 2 विकेट खोकर सिर्फ 27 रन बनाए हैं। साई सुदर्शन और कुलदीप यादव नॉटआउट लौटे। ओपनर यशस्वी जायसवाल 13 और केएल राहुल 6 रन बनाकर आउट हुए।
साउथ अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी 260/5 के स्कोर पर घोषित कर दी। साउथ अफ्रीका ने पहली पारी में 489 रन बनाए थे। जवाब में भारत की पहली पारी 201 रन सिमट गई थी। इस तरह भारत को टेस्ट जीतने के लिए 549 रन का टारगेट मिला।
साउथ अफ्रीका ने पहला टेस्ट मैच 30 रन से जीता था। अगर टीम गुवाहाटी टेस्ट भी जीत लेती है तो वह भारत के खिलाफ भारत में 25 साल बाद सीरीज जीतने और क्लीन स्वीप करने में कामयाब होगी। साउथ अफ्रीका ने साल 2000 में भारत को दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 2-0 से हराया था। पांचवें दिन का खेल सुबह 9 बजे से शुरू होगा।
पहले सेशन में भारत को 3 विकेट मिले भारत ने चौथे दिन की शुरुआत अच्छी की थी। टीम ने पहले सेशन में 81 रन देकर 3 विकेट लिए। साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी की बढ़त 395 रन तक पहुंच गई। पहले सेशन में रायन रिकेल्टन (35), ऐडन मार्करम (29) और टेम्बा बावुमा (3) आउट हुए। रवींद्र जडेजा को 2 और वॉशिंगटन सुंदर को 1 विकेट मिला। चौथे दिन का पहला सेशन खत्म होने तक साउथ अफ्रीका का स्कोर 107/3 था।
गुवाहाटी टेस्ट भारत के लिए सिर्फ एक मैच नहीं—सम्मान की लड़ाई है। क्लीन स्वीप से बचने के लिए टीम को सामूहिक प्रदर्शन करना होगा। अगर भारत यह मैच जीत लेता है, तो यह सीरीज़ फेल होने के बावजूद टीम के भविष्य के लिए एक मजबूत संदेश होगा। लेकिन हार की स्थिति में आलोचना और ज्यादा तीखी होने वाली है।

















