नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी का पांचवां और आखिरी टेस्ट लंदन के द ओवल स्टेडियम में खेला जा रहा है। मैच के पहले दिन इंग्लैंड टीम को बड़ा झटका लगा। टीम के पेसर क्रिस वोक्स इंजर्ड हो गए और वे अब कंधे की चोट के कारण बचे हुए मैच से बाहर हो गए हैं। इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
57वें ओवर में चोटिल हुए वोक्स वोक्स को यह चोट पहले दिन भारत की पहली पारी के 57वें ओवर में लगी। मिड-ऑफ पर फिल्डिंग कर रहे वोक्स ने बाउंड्री पर ड्राइव लगाया और चौका बचाने में कामयाब रहे। लेकिन चौका बचाने के दौरान वे अजीब तरह से गिरे और कंधा चोटिल कर बैठे। तभी इंग्लैंड के फिजियो बेन डेविस दौड़कर मैदान पर आए और चोट की जांच की। इसके बाद वे बाएं हाथ को एक अपने जंपर की स्लिंग में बांधकर मेडिकल जांच के लिए मैदान से बाहर चले गए। इसके बाद वोक्स को स्कैन के लिए ले जाया गया था।
देखने से तो यह ठीक नहीं लग रहा- एटकिंसन पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद इंग्लिश पेसर गस एटकिंसन ने कहा था, मुझे चोट के बारे में अभी ज्यादा कुछ नहीं पता है, लेकिन देखने से तो यह ठीक नहीं लग रहा है। यह सीरीज का आखिरी मैच है और जब कोई भी खिलाड़ी चोटिल होता है, तो यह दुखद होता है। मैं उम्मीद करता हूं कि यह गंभीर न हो। उन्हें टीम का पूरा सपोर्ट मिलेगा।
भारत के खिलाफ इस सीरीज में वोक्स का प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने अब तक 5 मैचों की 9 पारियों में 11 विकेट लिए हैं। उनका बेस्ट बॉलिंग फिगर 3/84 रहा है।
क्या कहते हैं नियम? ICC के नियमों के मुताबिक, बैटिंग या बॉलिंग रिप्लेसमेंट तभी मिलता है जब खिलाड़ी को कन्कशन (सिर में चोट) लगी हो। यदि किसी खिलाड़ी को सिर पर चोट लगे और वह उलझन, चक्कर या धुंधला दिखाई देने की शिकायत करे, तब उसे कन्कशन सब्स्टीट्यूट दिया जा सकता है। उस स्थिति में समान भूमिका निभाने वाला खिलाड़ी टीम में शामिल किया जाता है। वोक्स को सिर में नहीं, कंधे में चोट लगी है, इसलिए इंग्लैंड को न तो उनका बॉलिंग सब्स्टीट्यूट मिलेगा, न ही कन्कशन सब्स्टीट्यूट। ऐसे में वोक्स की जगह जो प्लेयर मैदान पर आएगा वो सिर्फ फिल्डिंग कर सकता है, ना ही बैटिंग करेगा और ना ही बॉलिंग।

















