नई दिल्ली, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान से जुड़े एक मुद्दे पर बयान देते हुए कहा है कि Iran की टीम का United States न आना ही बेहतर होगा। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति और खेल जगत में नई बहस शुरू हो गई है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरानी फुटबॉल टीम को अपनी जान और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वर्ल्ड कप के लिए अमेरिका नहीं आना ही बेहतर होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी टीम का स्वागत है।
अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको मिलकर 2026 फीफा वर्ल्ड कप की मेजबानी कर रहे हैं। टूर्नामेंट की शुरुआत 11 जून को मैक्सिको सिटी से होगी, जबकि फाइनल मुकाबला 19 जुलाई को न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा।
ट्रम्प का यह बयान उस समय सामने आया जब ईरानी टीम के अमेरिका आने को लेकर चर्चा चल रही थी। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए ईरानी टीम को अमेरिका यात्रा करनी पड़ सकती है। इसी संदर्भ में ट्रम्प ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए उनका न आना बेहतर होगा।
ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से राजनीतिक तनाव रहा है। कई बार कूटनीतिक विवादों का असर खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी पड़ता रहा है। ऐसे मामलों में खिलाड़ियों की यात्रा, वीजा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी सामने आते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि जब अंतरराष्ट्रीय राजनीति और खेल आपस में टकराते हैं तो इसका असर खिलाड़ियों और आयोजनों दोनों पर पड़ सकता है। हालांकि खेल संगठनों का प्रयास रहता है कि प्रतियोगिताओं को राजनीति से दूर रखा जाए और खिलाड़ियों को निष्पक्ष मंच मिले।
फिलहाल ट्रम्प के इस बयान ने एक बार फिर अमेरिका-ईरान संबंधों को लेकर चर्चा को तेज कर दिया है। आने वाले समय में यह देखना होगा कि संबंधित खेल आयोजन और दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर क्या स्थिति बनती है।

















