नई दिल्ली, टी-20 वर्ल्ड कप में एक बड़े उलटफेर ने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया, जब जिम्बाब्वे ने मजबूत मानी जाने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को मात दे दी। मुकाबले से पहले ऑस्ट्रेलिया को स्पष्ट фавरिट माना जा रहा था, लेकिन जिम्बाब्वे ने अनुशासित गेंदबाजी और साहसी बल्लेबाजी के दम पर मैच का रुख पलट दिया।
टी-20 वर्ल्ड कप में पहला उलटफेर देखने को मिला है। जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रन के अंतर से हराया। टीम ने दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया को टी-20 वर्ल्डकप में हराया है। उसने 19 साल पहले 2007 में भी ऑस्ट्रेलियन को लीग राउंड में हराया था।
कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग का फैसला किया। जिम्बाब्वे ने 20 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 169 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया 19.3 ओवर के बाद 146 रन पर ऑलआउट हो गई। ब्लेसिंग मुजरबानी ने 4 विकेट झटके। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
मैच में जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने पावरप्ले में शुरुआती झटके देकर ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ दी। मिडिल ओवर्स में स्पिन और धीमी गेंदों का मिश्रण प्रभावी साबित हुआ, जिससे रन गति पर अंकुश लगा। डेथ ओवर्स में सटीक यॉर्कर और फील्डिंग की चुस्ती ने ऑस्ट्रेलिया को बड़े स्कोर से दूर रखा।
लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे ने संयमित शुरुआत की। ओपनिंग जोड़ी ने ठोस साझेदारी कर दबाव कम किया, जबकि मध्यक्रम ने जिम्मेदारी से रन बटोरे। अंत के ओवरों में आक्रामक शॉट्स ने जीत सुनिश्चित की। यह जीत न केवल अंक तालिका में महत्वपूर्ण रही, बल्कि टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा के स्तर को भी रेखांकित करती है।
विश्लेषकों का मानना है कि टी-20 प्रारूप में किसी भी दिन कोई भी टीम उलटफेर कर सकती है। जिम्बाब्वे की यह जीत एसोसिएट और उभरती टीमों के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया को अपनी रणनीति और संयोजन पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है।

















