नई दिल्ली, सिडनी में होने वाले आगामी वनडे मैच से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन ने अपने स्क्वॉड में कुछ अहम बदलाव किए हैं। इन बदलावों से साफ है कि टीम अब नई रणनीति के साथ मैदान पर उतरना चाहती है। पिछले मैचों में प्रदर्शन में आई गिरावट और कुछ खिलाड़ियों की फिटनेस चिंताओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
सिडनी वनडे से पहले न्यू साउथ वेल्स के ऑलराउंडर जैक एडवर्ड्स को बुलाया गया है। उन्हें पहली बार ऑस्ट्रेलिया की इंटरनेशनल टीम में जगह मिली है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने शुक्रवार को वनडे और टी-20 टीमें जारी की।
इसके अनुसार, आखिरी वनडे के लिए मैथ्यू कुह्नेमन की वापसी हुई है। जबकि, मार्नस लाबुशेन को वनडे टीम से रिलीज कर दिया गया है। ताकि, वे अगले हफ्ते मंगलवार से शुरू होने वाले शील्ड मैच में क्वींसलैंड के लिए खेल सकें।
25 अक्टूबर को सिडनी में होने वाले तीसरे वनडे में टीम मैनेजमेंट हेजलवुड या स्टार्क को आराम दे सकता है। कंगारू टीम ने 3 मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की बढ़त ले ली है।
- जोश हेजलवुड और शॉन एबॉट भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के आखिरी मैच नहीं खेलेंगे। दोनों न्यू साउथ वेल्स से शील्ड मैच खेलने जाएंगे। हेजलवुड सिर्फ पहले दो टी20 मैच खेलेंगे, जबकि एबॉट तीसरे मैच के बाद टीम छोड़ देंगे।
- मैथ्यू कुह्नेमन और जैक एडवर्ड्स को तीसरे वनडे के लिए टीम में जोड़ा गया है। जॉश फिलिप को टी20 टीम में एक्स्ट्रा विकेटकीपर के रूप में शामिल किया गया है, क्योंकि जोश इंग्लिस चोट से पूरी तरह ठीक नहीं हुए हैं।
- ग्लेन मैक्सवेल कलाई की चोट के कारण शुरुआती 2 टी-20 मैच नहीं खेल सकेंगे। वे आखिरी 3 मैचों में वापसी करेंगे। बेन ड्वार्शियस भी चोट से उबरकर चौथे और पांचवें टी20 मैच के लिए टीम में जुड़ेंगे।
- वेस्ट ऑस्ट्रेलिया के 20 साल के तेज गेंदबाज महली बियर्डमैन को आखिरी तीन टी20 मैचों के लिए चुना गया है। उन्होंने हाल ही में पर्थ स्कॉर्चर्स और वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के लिए शानदार प्रदर्शन किया है।
जैक एडवर्ड्स ने भारतीय दौरे पर ऑस्ट्रेलिया ए के लिए शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने लखनऊ में 88 रन बनाए थे और कानपुर में खेले गए वनडे मैचों में 4 विकेट लिए और 89 रन बनाए थे। हालांकि, वे अपनी टीम को दो फॉर्मेट की सीरीज में जीत नहीं दिला सके थे। 2 मैचों की फर्स्ट क्लास सीरीज को भारत ने 1-0 से, जबकि 3 मैचों की सीरीज को 2-1 से जीता था। भारतीय टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर ने की थी।
टीम प्रबंधन का यह कदम संकेत देता है कि ऑस्ट्रेलिया वर्ल्ड कप से पहले विभिन्न संयोजनों को परखने की कोशिश में है। सिडनी जैसे बड़े मैदान पर यह देखना दिलचस्प होगा कि नई टीम संरचना कैसी प्रदर्शन करती है।
इन बदलावों के साथ ऑस्ट्रेलिया का लक्ष्य केवल जीत हासिल करना नहीं, बल्कि आगामी श्रृंखलाओं के लिए संतुलित टीम तैयार करना भी है। युवा खिलाड़ियों को अवसर देना और सीनियरों को रणनीतिक आराम देना इस सोच का हिस्सा है — जो बताता है कि ऑस्ट्रेलिया दीर्घकालिक योजना के साथ आगे बढ़ रहा है।
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